आशीष श्रीवास्तव
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के दूसरे चरण में नए परिवारों को शौचालय से आच्छादित करना है, लेकिन करीब एक साल पहले ओडीएफ घोषित हो चुके अलीगढ़ जिले में स्थिति अलग है। यहां शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष तीन गुने से अधिक परिवार चिन्हित हो चुके हैं। आवेदन आने का सिलसिला निरंतर जारी है। आवेदनों की निरंतर बढ़ती संख्या पंचायतराज विभाग के लिए सिरदर्द बन गई है। स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में शासन ने ग्राम पंचायतों में नए परिवारों की शौचालय की आवश्यकता पूरी करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए जिले को 500 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन अब तक 1,680 परिवारों के आवेदन आ चुके हैं। बताते चलें कि जिले में स्वच्छ भारत मिशन के पहले चरण में 1,89,753 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण हो चुका है। इसके बाद एनओएलबी (नो वन लेफ्ट विहाइंड) योजना में 32,911 शौचालयों का निर्माण हो चुका है, जबकि इस चरण के बाद शेष परिवारों के 42,806 शौचालय बन चुके हैं। इस तरह पहले चरण में 265473 लोगों के शौचालयों का निर्माण हो चुका है। अब मिशन के दूसरे चरण में नव सृजित यानि एक परिवार में शादी होने पर बेटे का परिवार आदि मामले में आवेदन लिए जा रहे हैं।
ओडीएफ क्लीनिक के माध्यम से लिए जा रहे आवेदन
अलीगढ़। नवसृजित परिवारों के आवेदन ग्राम पंचायतों में स्थापित ओडीएफ क्लीनिक के माध्यम से लिए जा रहे हैं। कोई भी व्यक्ति क्लीनिक में मौजूद पंचायत सहायक को शौचालय के लिए आवेदन दे सकता है। बताते चलें कि शौचालय निर्माण के लिए जिला पंचायतराज विभाग दो चरण में 12 हजार रुपया देता है। इसमें पहली किश्त का छह हजार रुपया शौचालय निर्माण शुरू कराने के लिए दिया जाता है। आधा निर्माण होने पर शेष छह हजार रुपया दिया जाता है।
नव सृजित परिवारों के लिए शासन से 500 लाभार्थियों का लक्ष्य मिला था। अब तक इसके तीन गुने से अधिक 1680 आवेदन आ चुके हैं। आवेदन आने का सिलसिला निरंतर जारी है। बजट मिलते ही इन्हें निर्माण के लिए धनराशि उपलब्ध करा दी जाएगी।
-धनंजय जायसवाल, जिला पंचायतराज अधिकारी