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संकट को अवसर में बदलकर किया जा सकता है नव भारत का निर्माण : राज्यपाल

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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आयोजित वेबीनार। - फोटो : CITY OFFICE
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी एवं उत्तर प्रदेश का ग्रामीण विकास विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी (वेबीनार) सोमवार को हुई। अध्यक्षता करते हुए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि संकट को अवसर में बदलकर ही नव भारत का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि हमें अपने आत्मबल से देश और प्रदेश को आगे बढ़ाना है।
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राज्यपाल ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बजट खेती एवं कुटीर उद्योगों के विकास की संभावना तलाशने पर बल दिया। उन्होंने माइग्रेशन कमीशन (प्रवासी आयोग) के गठन को भी अच्छा कदम बताया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री प्रो. दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 27 हजार से अधिक बसों द्वारा प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी सुनिश्चित की गई है। प्रदेश सरकार आत्मनिर्भर ग्रामीण व्यवस्था के विकास के लिए कटिबद्ध है। जिससे पुन: पलायन को रोका जा सके और सुदृढ़ व्यवस्था की निर्मित हो। इसके लिए बदली हुई परिस्थितियों में घर वापसी कर रहे श्रमिकों को उनकी कुशलता के अनुरूप रोजगार दिलाना, उनके स्वास्थ्य एवं खानपान की प्रभावी व्यवस्था करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके साथ ही उन्होंने वेबिनार के निष्कर्ष से लाभ उठाने की बात कहते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक मितल को ऐसे आयोजन के लिए बधाई दी।
विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो जीसी त्रिपाठी ने कहा कि आत्मनिर्भर राष्ट्र ही दीर्घकाल तक रह सकता है। उन्होंने राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वदेशी पर बल देने की बात कही। प्रो. त्रिपाठी ने मनरेगा के माध्यम से आधारभूत ढांचा विकसित करने का सुझाव भी दिया। उनका मानना था कि यदि विचार उचित समय, उचित स्थान पर एवं उचित लोगों द्वारा लागू किया जाए तो उसकी सफलता निश्चित है। गौतम बुद्ध विवि नोएडा के कुलपति प्रो. बीपी शर्मा ने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से अर्थव्यवस्था के स्वदेशी मॉडल पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय सर्वेक्षण करवाकर स्थानीयता की विशिष्टता के अनुरूप ब्रांड विकसित किए जाएं, जिससे रोजगार सर्जन एवं आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी।
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वेल्यू एडेड प्रोडक्ट्स बनाने के लिए प्रशिक्षण केंद्रों का सुझाव भी प्रो. शर्मा ने दिया। उत्तराखंड आर्थिक परिषद के अध्यक्ष प्रो. रवि श्रीवास्तव ने वेबीनार को संबोधित करते हुए ऐसी प्रभावी प्रणाली विकसित करने का सुझाव दिया। जिसका आधार स्थानीय हो। उन्होंने प्रत्येक राज्य में श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात भी कही। प्रवासी श्रमिकों के संबंध में अपने प्रभावी प्रस्तुतीकरण में प्रो श्रीवास्तव ने उनके संबंध में विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम की समन्वयक व डीएस कालेज के अर्थशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ. इंदु वार्ष्णेय ने विषय प्रवर्तन किया। इंजीनियरिंग संस्थान के निदेशक एवं वेबीनार के तकनीकी समन्वयक प्रो वीके सारस्वत एवं उनकी टीम ने तकनीकी सहयोग किया। आईक्यूएसी के निदेशक व आयोजन सचिव प्रो. अजय तनेजा ने संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापित किया।
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