थाना हरदुआगंज क्षेत्र में संपत्ति के लालच में अपने ही चाचा की जान लेने वाले भतीजे और उसके एक साथी को अदालत ने दोषी करार दिया है। एडीजे-1 की अदालत ने दोनों आरोपियों को सात-सात साल के कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
यह सनसनीखेज घटना वर्ष 2009 की है। थाना हरदुआगंज क्षेत्र के गांव किढ़ारा निवासी बनी सिंह अविवाहित थे और उन्होंने एक अन्य भतीजे सुरेंद्र को गोद ले रखा था। आरोपी अजय को हमेशा यह शक और डर सता रहता था कि कहीं उसके चाचा अपनी संपत्ति साथ रहने वाले उसी भतीजे के नाम न कर दें। इस बात पर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था।
घटना वाले दिन इसी संपत्ति के विवाद को लेकर तीखी नोकझोंक और झगड़ा हुआ। विवाद इतना बढ़ा कि अजय ने अपने दोस्त केशवदेव के साथ मिलकर चाचा बनी सिंह पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल बनी सिंह को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतका के परिजनों की शिकायत पर थाना हरदुआगंज में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच करते हुए चार्जशीट अदालत में पेश की। सुनवाई के दौरान गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय एडीजे-1 ने भतीजे अजय और उसके साथी केशवदेव को 7-7 साल के कारावास और 20-20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।