श्री अमरनाथ यात्रा पर गए अलीगढ़ वालों की जान खतरे में है। शुक्रवार से ही वहां के हालात खराब हैं और तीन दिन बाद रविवार को भी कोई राहत नहीं मिली। केंद्र सरकार का गृह मंत्रालय बैठकों में व्यस्त है और फंसे हुए श्रद्धालुओं के परिजनों का रो रो कर हाल बुरा हो गया है।
खासतौर पर श्रीनगर के पंथ चौक पर बनाए गए शिविर में ठहरे यात्रियों का हाल बहुत खराब है। इस शिविर के चारों ओर बसे विशेष समुदाय के कुछ धार्मिक स्थलों से रुक रुक कर पथराव हो रहा है। इसके बावजूद शिविर की सुरक्षा में बीएसएफ के लगभग 40-45 जांबाज ही तैनात है। शनिवार को यहां सेना की हथियारबंद टुकड़ी मौजूद थी, लेकिन देर रात सेना भी भक्तों को भगवान भरोसे छोड़ गई। जिसके बाद लोगों में दहशत बढ़ गई है। आलम ये है कि इस शिविर में हजारों की भीड़ है जिसमें 300 लोग अलीगढ़-हाथरस के हैं।
जत्था लेकर गए एटा चुंगी निवासी प्रदीप गांधी ने फोन पर अमर उजाला को पूरा हाल बताया है। पंथ चौक पर पला, भदेसी, नौरंगाबाद, ज्ञान सरोवर और एडीए कॉलोनी के लोग मौजूद हैं। रविवार को एक शिविर में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में आग लग गई। जिससे खाना बनाते हुए कुछ लोग आंशिक रूप से झुलस गए। टेंशन की वजह से ये हादसा हुआ। शिविर में आग लगने से बच गई। भंडारों के लंगर भी नहीं चल पा रहे हैं। वहां फंसे राकेश का कहना है कि अगर सेना और बीएसएफ न हो वहां श्रद्धालुओं को भगवान का ही सहारा है। बलवाई हमला करें तो किसी का भी बचना मुश्किल है। जब पत्थरबाजी ज्यादा हुई तो अलीगढ़ वालों ने भी कुछ पत्थर फेंके ताकि हमलावर लोगों को भी उनकी जद में ही रखा जाए। शिविर में न पानी है न खाने की कोई व्यवस्था। बीमार लोगों की दवा खत्म हो जाने से उनकी हालत बिगड़ रही है। महिलाओं और बच्चों का रो रो कर हाल खराब है।
मोबाइल और इंटरनेट सेवा भी बंद है जिससे परिजनों से कोई संपर्क नहीं हो रहा है। जिससे परिजन भी परेशान हैं। यात्रा में निर्धारित वक्त से अधिक दिन लगने से पैसा भी खत्म होने को है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी किसी भी सवाल का सही जवाब नहीं दे रहे हैं। पंथा चौक के अलावा घाटी के अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए शिविरों में भी कमोबेश यही हालात हैं। श्रद्धालुओं को इस बात पर भी गुस्सा है कि स्थानीय स्तर पर सांसद और दूसरे जनप्रतिनिधि भी उनका हाल नहीं पूछ रहे हैं।
मनोज काका ने फोन पर बताया कि सांसद सतीश गौतम से बात करने के बाद शिविर में बीएसएफ के नोडल अधिकारी पहुंचे और पीने के पानी का इंतजाम किया गया। रविवार सुबह लोगों को एक एक गिलास पानी दिया गया था और ये कहा गया था कि यही पानी है जो चाहे वो करो..। इसके बाद दोपहर साढ़े तीन बजे तक पानी नहीं मिला। शाम को एक बुजुर्ग की दवा भी बहुत मुश्किल से मिली नहीं तो उनकी जान ही चली जाती। सभी यही कह रहे हैं कि न खाना न पानी.. हमें बचाओ बाबा बर्फानी..।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को बताई सभी घटनाएं
अलीगढ़। भाजपा के महानगर उपाध्यक्ष मानव महाजन ने बताया कि आरएसएस के प्रांत प्रचारक डा. हरीश जी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य को अलीगढ़ की सभी घटनाओं से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से वार्ता कर जल्द से जल्द राहत पहुंचाने का भरोसा दिलाया है।
आठ लोग गायब हैं
अलीगढ़। लोधा ब्लाक के गांव बरौठ छजमल के सतेंद्र के परिजनों का बुरा हाल है। फायर बिग्रेड कालोनी में उनके घर में सभी परेशान हैं क्योंकि दो दिन से यात्रा पर गए आठ लोगों का कोई हाल नहीं मिला है। इनके फोन बंद हैं। जिसमें सतेंद्र के चचेरे भाई रवेंद्र, दो किराएदार विकास और पंकज के साथ चार अन्य दोस्त भी शामिल हैं।
सांसद ने कश्मीर रेंज के अधिकारियों से बात कर पहुंचाया पानी और दवाएं
अलीगढ़। अमरनाथ यात्रा में फंसे अलीगढ़ वालों को मदद पहुंचाने के लिए सांसद सतीश गौतम ने रविवार सुबह फिर एक बार जम्मू कश्मीर के उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह को फोन किया तो उन्हें बताया गया कि हर संभव प्रयास कर सबसे पहले श्रद्धालुओं को सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि लोगों में दहशत कम हो सके। इसके बाद खाने पीने के साथ दवा की व्यवस्था भी कराई जा रही है। सांसद प्रवक्ता संदीप चाणक्य ने बताया कि इसके बाद कश्मीर रेंज के बीएसएफ के डीआईजी विकास चंद्रा से फोन पर बात की गई।
उनसे कहा गया कि वह पंथा चौक पर फंसे अलीगढ़ वालों को पीने का पानी, खाना और दवाएं पहुंचाएं। दरअसल, मनोज काका से बात होने के बाद अमर उजाला ने सांसद को पूरा वाकया बताया था। इसके बाद सांसद ने सक्रियता से कश्मीर रेंज के कई अधिकारियों से बात की। आईजी से बात होने के बाद यात्रा के नोडल अधिकारी राजेंद्र सिंह और बीएसएफ के एक अन्य अधिकारी टीपी सिंह से बात हुई। नतीजा भी निकला और कुछ देर बाद शिविर में पानी का टैंकर पहुंचाया गया। पानी मिलने से वहां लोगों को बड़ी राहत मिली। कुछ देर बाद बुजुर्ग की दवा पहुंची और फर्स्ट एड किट भी दी गई।
केंद्र और जम्मू कश्मीर सरकार बर्खास्त हो : जमीरउल्लाह
अलीगढ़। कोल विधायक हाजी जमीरउल्लाह खां ने कहा है कि केंद्र में भाजपा नेतृत्व और जम्मू कश्मीर में भाजपा पीडीएफ गठबंधन की सरकार है। इसके बाद भी अमरनाथ यात्रा पर गए श्रद्धालुओं की जान खतरे में है। वहां हजारों श्रद्धालु फंसे हैं जिसमें अलीगढ़ हाथरस के 300 से अधिक लोग हैं। पीएम मोदी विदेश यात्राएं कर रहे हैं, लेकिन देश में हालात नहीं सुधार पा रहे हैं। विधायक ने रविवार शाम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को संबोधित ज्ञापन देकर केंद्र सरकार और जम्मू कश्मीर सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि जो सरकार देश के नागरिकों की सुरक्षा नहीं कर सकती है उस सरकार को सत्ता में रहने का हक नहीं है। जिलाधिकारी राजमणि यादव के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज दिया है। कोल विधायक ने मांग की है कि फंसे हुए यात्रियों को खाने पीने और दवा की व्यवस्था तुरंत की जाए। इस मौके पर सपा जिला उपाध्यक्ष सगीर अहमद, दिनेश शर्मा, बाबा फरीद आजाद, यामीन शम्स, दीपक, जकी पार्षद, आस मोहम्मद पार्षद, अलीमुद्दीन प्रधान, दानिश अब्बासी आदि मौजूद रह्रे।
फंसे हैं चौधरी विहार कॉलोनी के दंपति
अलीगढ़। अमरनाथ में बवाल के बाद वहां यात्रा पर गए लोगों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। इससे उनके परिजन काफी परेशान हैं। पीएसी स्थित चौधरी विहार कॉलोनी निवासी दंपति रुस्तम सिंह और दिनेश कुमारी भी अमरनाथ यात्रा पर गए थे। उनके परिजन किसी तरह का संपर्क न होने पर काफी परेशान हैं। उनके बेटे दुष्यंत चौहान ने बताया कि फोन पर बात हो गई हैं, वह बालटाल में फंसे हुए हैं।
अब कहां है आरएसएस...?
अलीगढ़ । सपा छात्र सभा के नेता जियाउर्ररहमान ने जम्मू कश्मीर में बिगड़े हालात के लिए के मोदी सरकार की आतंकवाद पर दोहरी नीति को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा है कि पीएम मोदी विदेश में ढोल बजा रहे हैं, यह शर्मनाक है। छात्र नेता ने कहा कि कश्मीर में बिगड़े हालात के लिए भाजपा जिम्मेदार है। भाजपाई पहले तो महबूबा को देशद्रोही बताते थे और अब देशद्रोहियों के साथ सरकार में बैठकर आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। विद्यार्थीं परिषद और आरएसएस अब केंद्र का पुतला क्यों नहीं फूं कते।
शुक्रवार से दहशत
कश्मीर में 10 लाख रुपये के ईनामी हिजबुल कमांडर बुरहान वानी को सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को मार गिराया था। इसके बाद बुरहान के हजारों समर्थक सड़कों पर उतर आए और उन्होंने चारों ओर प्रदर्शन किया। पथराव और फायरिंग शुरू हो गई। जिसकी वजह से अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। जो श्रद्धालु जहां फंसे हैं वहीं फंस गए हैं। तीन दिन बाद भी कोई राहत नहीं मिली है।
रविवार रात से श्रद्धालुओं को निकालने की तैयारी शुरू..
अलीगढ़। श्रीअमरनाथ शिव शक्ति सेवा मंडल के प्रधान अजय जलेसरिया ने बताया कि देर शाम सूचना मिली कि फोर्स रात 10 बजे कानबाई के माध्यम से श्रद्धालुओं को भंडारों से निकालेगी। हालांकि अभी तक अधिकारियों ने पुष्टि नहीं की है। उनके भंडारे में रुके अलीगढ़ के 40 यात्री, हाथरस के गामा मसाले वालों के साथ गए 20 यात्री, बरेली के 20, सीतापुर के 17-18 लोगाें को भोजन कराने के बाद बसाें में बैठने के लिए कह दिया गया है। फिलहाल उनके भंडारे में करीब एक हजार यात्री हैं। अगर किसी कारण से कानबाई नहीं लगती है तो यात्रियों के सोने का भी बंदोबस्त है।