एडीजे विशेष एससी-एसटी एक्ट के न्यायाधीश मनोज कुमार अग्रवाल के न्यायालय से ग्रामीण की हत्या के आरोपी पड़ोसी को उम्रकैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माने में से दस हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने के निर्देश दिए हैं।
अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक द्वय महेंद्र कुमार व चमन प्रकाश शर्मा के अनुसार गभाना थाने में नगला नत्था निवासी अनुसूचित जाति के ललित कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें 28 सितंबर 2014 की रात करीब 10 बजे की घटना बताते हुए कहा गया कि उनका पड़ोसी कमल सिंह अपनी पत्नी से झगड़ा करते हुए पीट रहा था। दोनों झगड़ते हुए घर के बाहर आ गए। ललित के पिता राम किशोर उर्फ लल्ला अपने दरवाजे पर खड़े थे। उन्होंने कमल सिंह को टोकते हुए पत्नी को पीटने का विरोध किया। इसी बात पर गुस्से में आकर कमल सिंह ने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। मामले में मुकदमे के आधार पर पुलिस ने गिरफ्तारी की और चार्जशीट दायर की। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
पैरोकारी में जुड़े थे दो सियासी खेमे
इस हत्याकांड के पीछे एक खास वजह यह भी जगजाहिर है कि कस्बा गभाना के दो सियासी खेमे दोनों ओर से पैरोकारी कर रहे थे। एक सियासी खेमा आरोपी को निर्दोष करार देते हुए साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगा रहा था, जबकि दूसरा उसे सजा दिलाने के लिए पैरोकारी कर रहा था। इस हत्याकांड में फैसले को लेकर गभाना में खासी चर्चा है।