गीला और खराब गेहूं भी सरकारी रेट 1840 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से लेने की बाध्यता का विरोध जता रहे धनीपुर मंडी के आढ़तियों एवं मंडी प्रशासन की शनिवार को हुई वार्ता दोनों पक्षों के अड़ियल रुख के कारण विफल हो गई। प्रशासन ने आढ़तियों की आक्शन की मांग को ठुकरा दिया और सरकारी दामों पर ही गेहूं खरीदने की बात पर अड़े रहे। इससे नाराज आढ़तियों ने हड़ताल जारी रखने का ऐलान कर दिया।
मंडी सचिव ने आढ़तियों को 1840 रुपये क्विंटल के हिसाब से गेहूं खरीद करने के आदेश दिये हैं। चाहे वह गेहूं किसी भी क्वालिटी का क्यों न हो। इसके विरोध में मंडी आढ़ती शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। मतगणना में मात्र पांच दिन शेष हैं। ऐसे में आढ़तियों की हड़ताल प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गई है।
गत दिवस डिप्टी डायरेक्टर मंडी नरेंद्र देव मलिक ने आढ़तियों से वार्ता कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया था और मतगणना तक हड़ताल स्थगित करने की अपील की, लेकिन आढ़ती नहीं माने। शनिवार को एक बार फिर डिप्टी डायरेक्टर मंडी एवं मंडी सचिव ने गल्ला व्यापार कल्याण समिति के बैनरतले हड़ताल कर रहे आढ़तियों से बात की। लेकिन दोनों पक्ष अपनी अपनी बात पर अड़े रहे।
मंडी अध्यक्ष सुरेश चंद्र लोधी ने बताया कि हमने अफसरों को आक्शन कराने का विकल्प दिया था। स्पष्ट कहा था कि आक्शन के बाद जो भी रेट फाइनल हों, उनके हिसाब से गेहूं खरीद की छूट दी जाय। इसे माना नहीं गया। हम भी व्यापार करने बैठे हैं, खराब या सड़ा गला गेहूं खरीदेंगे तो व्यापार कैसे चलेगा।
इस वजह से सभी आढ़तियों ने सर्वसम्मति से हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है। इस मौके पर ठा. मनोज सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, हरिओम पंडित, राजकुमार मित्तल, सुनील अग्रवाल, ठा. राकेश प्रताप सिंह, प्रदीप गर्ग, सौरभ गर्ग, दिनेश अग्रवाल, बाबी, मोनू, रतन, सुरेश फौजी, धर्मवीर, अजय आदि उपस्थित थे।