कर्मचारी कॉपियों को किसी सुरक्षित वाहन में ले जाने के बजाय कपड़े में लपेटकर पैदल ही संकलन केंद्र तक पहुंचे। सुरक्षा मानकों की अनदेखी का यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपियों की सुरक्षा में लापरवाही का मामला सामने आया है। 23 फरवरी को उत्तर पुस्तिकाओं और प्रश्न पत्र को संकलन केंद्र से ले जा रहे कर्मी कॉपियों को स्कूटर पर रखकर दुकान पर चाय पीने लगे। इस दौरान स्कूटर के पास कोई नहीं था। ऐसे में कॉपियां चोरी हो सकती थी या इसमें कोई गड़बड़ी हो सकती थी।
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दोपहर 1:20 बजे नौरंगीलाल राजकीय इंटर कॉलेज में बने संकलन केंद्र से शिक्षा-कर्मी कॉपियां और प्रश्नपत्र लाकर अपनी स्कूटर पर रखकर पास की दुकान पर चाय पीने चले गए। उस वक्त स्कूटर के आसपास कोई नहीं था। दोपहर 1:40 बजे एक कर्मचारी बाइक से हाईस्कूल के अंग्रेजी विषय की परीक्षा की कॉपियां लेकर पहुंचा। कॉपियां कपड़े के टुकड़े से बंधी थी।
इसी तरह दोपहर 1:58 बजे कर्मचारी कॉपियों को किसी सुरक्षित वाहन में ले जाने के बजाय कपड़े में लपेटकर पैदल ही संकलन केंद्र तक पहुंचे। सुरक्षा मानकों की अनदेखी का यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस संबंध में डीआईओएस डॉ. पूरन सिंह ने बताया कि कॉपियों और प्रश्नपत्रों को लाने और ले जाने में सुरक्षा की अनदेखी की गई है। इसकी गोपनीयता बरकरार रखनी चाहिए। जांच के आधार पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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परीक्षा पर एसटीएफ की नजर
यूपी बोर्ड परीक्षा पर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की नजर है। एसटीएफ परीक्षा से जुड़े संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष निगरानी कर रही है। संदिग्ध गतिविधियों और लापरवाही की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग से रिपोर्ट तलब की जा सकती है। नियमों के अनुसार प्रश्नपत्र और कॉपियों के परिवहन के दौरान सुरक्षित वाहन, जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी और तय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य होता है।