जनगणना अभियान के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसके लिए शिक्षकों को प्रगणक एवं सुपरवाइजर नियुक्त किया गया है। समीक्षा में पाया गया कि कुछ प्रगणक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूरा नहीं कर सके।
जनगणना अभियान के तहत तहसील कोल क्षेत्र में चल रहे मकान सूचीकरण कार्य में लापरवाही बरतने वाले प्रगणकों के खिलाफ अलीगढ़ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपजिलाधिकारी कोल ने बेसिक शिक्षा अधिकारी, अलीगढ़ को पत्र जारी कर संबंधित प्रगणकों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम-1948 की धारा 11 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई एवं विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है।
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उपजिलाधिकारी ने जारी पत्र में कहा है कि वर्तमान में भारत सरकार का महत्वपूर्ण जनगणना अभियान संचालित है, जिसके प्रथम चरण में मकान सूचीकरण का कार्य किया जा रहा है। तहसील कोल क्षेत्र में इस कार्य के लिए शिक्षकों को प्रगणक एवं सुपरवाइजर नियुक्त किया गया है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ प्रगणकों की कार्य प्रगति अत्यंत असंतोषजनक रही तथा वे निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूरा नहीं कर सके।
इन प्रगणकों का रोका वेतन
जिन प्रगणकों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई है, उनमें दीपिका वर्मा, प्रियांशु जे.के., गिरीश कुमार शर्मा, संगीता पुष्पेंद्रि मौर्य, शारिक परवेज, गिरीश कुमार, विपिन कुमार, मनोज कुमार वार्ष्णेय, शिखा त्यागी, चंद्रकांता एवं कीर्ति सिंह शामिल हैं। उत्तर प्रदेश शिक्षक संघ महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ प्रशांत शर्मा ने वेतन रोकने पर विरोध जताया है।