आयुष्मान कार्ड योजना में पिछड़ रहे जिले को शासन की गुड लिस्ट में लाने के तमाम प्रयास विफल हो रहे हैैं। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए सीएससी स्तर पर कैंप लगाने की योजना प्रशासन की ओर से संचालित की गई। मगर, यह भी लापरवाही भेंट चढ़ रही है। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने इस संबंध में बैठक की। बैठक में लापरवाही का पर्दाफाश हो गया। उन्होंने जिम्मेदारों को फटकार लगाई। इसके साथ ही एक सीएससी प्रभारी की आईडी बंद कर उसे ब्लैक लिस्ट करने का आदेश जारी किया गया। साथ ही चेतावनी दी कि अब अगर 10 दिन में सार्थक परिणाम नहीं दिया तो प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बैठक में सीडीओ ने शहरी पीएचसी के साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी आयुष्मान कार्ड कैंप, संबंधित चिकित्साधीक्षक एवं सीएससी संचालक द्वारा बनाए जाने के आदेश जारी किए। साथ ही निर्देश दिए कि सभी शहरी व ग्रामीण पीएचसी पर सीएससी संचालक की उपस्थिति जरूरी है। इसके अलावा शाहजमाल, एमए नगर व चंडौस सीएचसी प्रभारी के अनुपस्थित रहने पर नाराजगी जताई। इसके साथ ही शाहजमाल एमओआईसी का वेतन काटने के निर्देश दिए। दतावली सीएससी संचालक की लापरवाही सामने आने पर ईडीएम मनोज राजपूत को उसकी आईडी बंद करने के साथ ही संचालक को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। सभी एमओआईसी को 10 दिन का समय देते हुए कहा कि अगर इस अवधि में प्रगति में सुधार नहीं हुआ प्रशासनिक कार्रवाई होगी। इसके साथ ही सीएससी संचालक, आशा को निर्देश दिए कि वह स्वास्थ्य केंद्रों पर सुबह 9 बजे पहुंचेंगे। प्रतिदिन इनका फीडबैक कंट्रोल रूम से लिया जाएगा। आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी राशन डीलर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा व ग्राम प्रधान की होगी। आयुष्मान कार्ड को लेकर ग्राम प्रधान मुनादी कराएंगे। डीपीआरओ स्तर से इसमें सहयोग किया जाएगा। इसके साथ ही ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मनोज राजपूत को निर्देशित किया है कि वह पीएचसी व सीएचसी पर लगे आयुष्मान कार्ड कैंप का पर्यवेक्षण नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. दुर्गेश कुमार के साथ करेंगे। प्रतिदिन की रिपोर्ट मीटिंग में उपलब्ध कराएंगे। सभी सीएचसी पर 4-4 सीएससी संचालकों व सभी पीएचसी पर 2-2 सीएससी संचालकों की ड्यूटी लगाई गई है।