जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में बृहस्पतिवार को हुए मतदान के बाद बसपा प्रत्याशी उपेंद्र सिंह नीटू विजयी घोषित हुए। नीटू ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी डॉ. नीतू सिंह को कुल 33 मतों से हराकर रिकॉर्ड कायम किया है। इस चुनाव में रालोद की मतदाता बबिता सिंह ने नोटा का विकल्प न मिलने पर मतदान का बहिष्कार भी किया है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर बसपा ने यह लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर कई दिन से चल रही रस्साकसी पर बृहस्पतिवार को विराम लग गया। कलेक्ट्रेट परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 11 बजे से तीन बजे तक हुए मतदान के दौरान कुल 52 में से 42 वोट बसपा प्रत्याशी एवं पूर्व केबिनेट मंत्री एवं एमएलसी ठा. जयवीर सिंह के भतीजे उपेंद्र सिंह नीटू को मिले, जबकि सपा प्रत्याशी एवं छर्रा से सपा विधायक ठा. राकेश सिंह की पत्नी डॉ. नीतू सिंह मात्र 9 वोटों तक ही सिमटकर रह गईं।
रालोद नेता ठा. सुबोध सिंह की जिला पंचायत सदस्य पत्नी बबिता सिंह ने पति के साथ कलेक्ट्रेट के गेट पर पहुंचकर मतदान बहिष्कार का ऐलान किया। उनका कहना था कि यह निर्णय धनबल और बाहुबल के आधार पर हो रहे अलोकतांत्रिक चुनाव में नोटा का विकल्प न मिलने के कारण लिया है। इसके बाद वह वापस चली गईं। इस चुनाव में एक मतदाता रूप सिंह को बिना प्रमाण पत्र के ही मतदान करना पड़ा। इसे लेकर काफी देर तक खींचतान हुई। बाद में रूप सिंह को मतदान कराने का निर्णय लिया गया।
दुपहर करीब 3.45 बजे जिलाधिकारी ने मतगणना के बाद नीटू को विजयी घोषित करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र लिया। बाद में नीटू समर्थक उन्हें जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए जिला पंचायत गेट तक ले गए। जहां उन्होंने अपने चाचा पूर्व मंत्री ठा. जयवीर सिंह से अशीर्वाद लिया। इसके बाद जुलूस पहले राजा महेंद्र प्रताप पार्क और फिर अंबेडकर पार्क पहुंचा, जहां दोनों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष नीूट गाड़ियों के काफिले के साथ बन्नादेवी स्थित पार्टी कार्यालय रवाना हो गए। इस दौरान उनके पार्टी कार्यालय पहुंचने तक पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।