अर्बन नक्सल के आरोप में फंसे सोशल एक्टिविस्ट गौतम नवलखा ने एएमयू के भूगर्भ विज्ञान विभाग के शोध छात्र से आतंकी बने मन्नान बशीर वानी की तारीफ की थी। यह तारीफ उन्होंने एएमयू के कैनेडी हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में की थी। यह सवाल भी उठाया था कि आखिर मन्नान को यह क्यों महसूस हुआ कि बंदूक उठाने के सिवा उसके लिए और कोई रास्ता नहीं है।
एएमयू छात्र संघ के तत्वावधान में अप्रैल 2018 को कैनेडी हॉल में ‘कन्वेंशन अगेंस्ट स्टेट एक्सेसेस’ का आयोजन किया गया था। इसमें अर्बन नक्सली के आरोप में फंसे सोशल एक्टिविस्ट गौतम नवलखा आए थे। मन्नान वानी जनवरी 2018 में एएमयू में रिसर्च छोड़ कर आतंक की राह अपना चुका था। मन्नान वानी के मारे जाने के बाद उससे जुड़ी तमाम पुरानी चीजें धीरे-धीरे सामने आने लगी है। गौतम नवलखा के कार्यक्रम से संबंधित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
कार्यक्रम में गौतम नवलखा ने छात्रों से कहा था कि मन्नान वानी आपके बीच का है। वह काफी इंटेलिजेंट है। 2014 में कैनेडी हॉल में उसने एक कार्यक्रम आयोजित किया था। उसमें मैं आया था। यहीं पर मन्नान वानी से पहली और आखिरी मुलाकात हुई थी। अपने संबोधन में नवलखा ने कहा था कि क्या वजह है कि मन्नान वानी को बंदूक उठानी पड़ी। क्यों उसे लगा कि उसके लिए और कोई रास्ता नहीं बचा है। वह कश्मीर में नहीं अलीगढ़ में पढ़ता था। एएमयू छात्र संघ के तत्कालीन सचिव मो. फहद ने बताया कि गौतम नवलखा आए थे। मैं कार्यक्रम के आयोजन में व्यस्त था, इसलिए ठीक-ठीक से याद नहीं है कि क्या कहा था। हां यह बात सही है कि मन्नान पढ़ाई में अच्छा था और मध्य प्रदेश में आयोजित इंटरनेशनल कांफ्रेंस में बेस्ट पेपर अवार्ड जीत कर लौटा था। उस कांफ्रेंस में 30 देशों के प्रतिनिधि आए थे। वह अमेरिका जाना चाहता था।