अलीगढ़ में नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर कई बार नारकोटिक्स टीम द्वारा बड़ी कार्रवाई हुई हैं। लेकिन, स्थानीय प्रशासन की लापरवाह कार्यशैली के चलते ये दवाएं शहर के कई मेडिकल स्टोर पर खुलेआम बिकती हुई मिल जाती हैं।
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम ने 19 मई को जीवनगढ़ व रजानगर में चार मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। टीम को देख इलाके के मेडिकल स्टोर संचालक अपनी दुकानों का शटर गिरा फरार हो गए। टीम ने तीन संचालकों को नोटिस दिया है। उन्हें जवाब के लिए 27 मई को दिल्ली स्थित कार्यालय बुलाया है। वहीं, रूबी ड्रग स्टोर के मालिक को कोडिन सिरप के चार कार्टून सहित गिरफ्तार किया है।
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19 मई दोपहर दिल्ली की केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम ने क्वार्सी इलाके के जीवनगढ़ और रजा नगर में मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। टीम ने एमए मेडिकल एजेंसी, फाइजा मेडिकल स्टोर, माहिरा मेडिकल स्टोर व रूबी ड्रग स्टोर पर कार्रवाई की। रूबी ड्रग स्टोर से कोडिन सिरप के चार कार्टून बरामद किए। संचालक मो. नावेद को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गए। इसके अलावा तीन मेडिकल संचालक लालू, तंजीम और फाईक अली को नोटिस दिया है। उन्हें 27 मई को दिल्ली के नार्थ कश्मीरी गेट नारकोटिक्स विभाग में दस्तावेज के साथ बुलाया गया है।
पूर्व में हुई कार्रवाई से जुड़ रहे तार
नारकोटिक्स टीम द्वारा पूर्व में भी थोक दवा बाजार फफाला और जीवनगढ़ इलाके में छापा मार कार्रवाई की गई थी। टीम ने कासगंज के जुबेर को गिरफ्तार किया था। जिसकी निशानदेही पर फफाला में कार्रवाई हुई थी। वहीं, खुलेआम बिकने वाली नारकोटिक्स की दवाओं को लेकर जीवनगढ़ और आसपास के इलाकों में छापे मारे थे।
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मलिन बस्तियों में फल-फूल रहा नशे का कारोबार
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो द्वारा करीब 141 दवाओं पर निगरानी की जाती है। इन दवाओं का उपयोग युवा नशे के तौर पर कर रहे हैं। इसमें कोडिन सिरप व नींद की दवाएं शामिल हैं। अलीगढ़ में नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर कई बार नारकोटिक्स टीम द्वारा बड़ी कार्रवाई हुई हैं। लेकिन, स्थानीय प्रशासन की लापरवाह कार्यशैली के चलते ये दवाएं शहर के कई मेडिकल स्टोर पर खुलेआम बिकती हुई मिल जाती हैं। शहर की मलिन बस्तियों में यह कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। जिस पर प्रशासन नकेल कसने में नाकाम है।