उन्होंने कहा कि चार मुस्लिम मीट व्यापारियों को पीटा गया। यह किसी से छिपा नहीं है, जबकि उनके पास मीट संबंधी पर्ची थी, जिसे हमलावरों को दिखाया भी था। इसके बावजूद भीड़ उन पर टूट पड़ी। यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई। उन्होंने जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती पीड़ितों और उनके परिजन से भी हालचाल जाना। कहा कि प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग करेंगे। अगर भीड़ हिंसा को नहीं रोका गया तो किसी की भी जान को खतरा हो सकता है। यह लोकतंत्र पर हमला है, जिस पर चुप रहना उसे बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि संसद में पत्रकारों के हित को लेकर विधेयक लाएंगे। इसके बाद उन्होंने सभा की। उन्होंने संगठित और शिक्षित होने की अपील की। इस अवसर पर पूर्व मंत्री महेंद्र चौधरी, मंडल अध्यक्ष गुफरान नूर, जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश मौर्य, प्रो. रनवीर सिंह, मुकेश कुमारी आदि मौजूद रहे।
क्वार्सी-एटा बाईपास मार्ग स्थित गठबंधन बैंक्वेट में चंद्रशेखर आजाद की सभा थी। पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के वाहनों की वजह से मार्ग पर जाम लग गया। इसमें एक एंबुलेंस भी फंस गई, जो 15 मिनट बाद निकल सकी। आधे घंटे पर जाम खुल सका।
कार्यकर्ताओं को पढ़ाया अनुशासन का पाठ
सभा स्थल पर चंद्रशेखर आजाद के पहुंचने से पहले मंच के आगे पार्टी कार्यकर्ताओं की भीड़ आ गई। कुर्सी पर बैठे लोग कुर्सी पर ही खड़े हो गए। जब चंद्रशेखर आजाद आए तो उन्होंने कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। इससे पहले व्यवस्थापकों ने भी कार्यकर्ताओं को पीछे करने के लिए अनुरोध किया, लेकिन वह नहीं माने।
वार्ड में चंद्रशेखर के साथ घुसी भीड़
जेएन मेडिकल कॉलेज के वार्ड नंबर-1 में भर्ती घायल मीट व्यापारियों से चंद्रशेखर आजाद ने कुशलक्षेम पूछा। डॉक्टर से भी चोट और डिस्चार्ज के बारे में जानकारी हासिल की। वह शाम 5:30 बजे वार्ड नंबर-1 में पहुंचे। उनके साथ कार्यकर्ताओं की भीड़ घुस गई। इससे वार्ड में गर्मी हो गई। मरीज-तीमारदार परेशान हो गए। थाना सिविल लाइंस इंस्पेक्टर और चंद्रशेखर आजाद ने कार्यकर्ताओं को वार्ड से बाहर निकल जाने के लिए कह दिया। वहीं, कार्यकर्ता माला पहनाकर उनका स्वागत करना चाहते थे, लेकिन उन्होंने माला पहनने से इन्कार कर दिया।