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अलीगढ़ : कांवड़ मार्ग से गुजरा नगर कीर्तन, लगा जाम सेवादारों और पुलिस ने संभाली व्यवस्था

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एक तरफ नगर कीर्तन कमेटी द्वारा निकाला गया नगर कीर्तन, दूसरी तरफ कांवड़ लेकर जाते कांवड़िया। - फोटो : CITY OFFICE
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गुरु गोविंद सिंह के प्रकाशोत्सव पर देहली गेट गुरुद्वारे से निकाला गया नगर कीर्तन जैसे ही दोपहर में रामघाट रोड पर दुबे पड़ाव पहुंचा। वैसे ही यहां पर जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, क्योंकि इसी मार्ग पर कांवड़ियों का आवागमन चल रहा था। पैदल के साथ-साथ कांवड़िए ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य वाहनों से भी चल रहे थे। मीनाक्षी पुल के बाद जैसे ही नगर कीर्तन महाजन होटल की तरफ मुड़ा। इससे हालात बिगड़ने लगे। कांवड़ियों और सिख समाज के श्रद्धालु में पहले निकलने की होड़ मचनी शुरू हो गई। मगर, सेवा व्यवस्था संभाल रहे लोगों और पुलिस ने समझदारी से बमुश्किल व्यवस्था संभाली।
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रामघाट रोड पर कांवड़िए अपने-अपने जनपदों के लिए कांवड़ लेकर निकल रहे हैं। कांवड़ियों के साथ ट्रैक्ट्रर-ट्रॉली व अन्य वाहन भी चल रहे हैं। रविवार दोपहर जैसे ही सिख समाज द्वारा निकाला गया नगर कीर्तन दुबे पड़ाव पहुंचा। वैसे ही कांवड़ियों और नगर कीर्तन में शामिल श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। यहां पर जाम जैसे हालात बने तो कांवड़ियों के कदम ठहर गए। इस दौरान नगर कीर्तन में व्यवस्था संभाल रहे लोगों और पुलिस ने एक तरफ से कांवड़ियों को निकाला और दूसरी तरफ से नगर कीर्तन को मीनाक्षी पुल की तरफ मोड़ा। इस दौरान वाहनों को रोक दिया गया। इससे मीनाक्षी पुल के नीचे, मोटरसाइकिल और ओवरब्रिज पर वाहनों की कतार लग गई। लोग जाम में फंसे रहे।
दूसरी तरफ मीनाक्षी पुल से उतरते ही महाजन होटल के सामने विपरीत दिशा में नगर कीर्तन मुड़ना प्रारंभ हुआ तो सामने से आ रहे कांवड़िए और उनके ट्रैक्टर रामघाट रोड पर रुक गए। कांवड़िए पहले निकलने के लिए कहने लगे तो सिख समाज के लोगों का कहना था कि नगर कीर्तन पहले निकाला जाए। चूंकि, नगर कीर्तन करीब एक किलोमीटर लंबा था। इसीलिए कांविड़ए इंतजार नहीं करना चाहते थे। जाम की सूचना मिली तो पुलिस पहुंच गई। समाजसेवियों और सिख समाज के व्यवस्थापकों ने पुलिस के साथ जैसे-तैसे बमुश्किल व्यवस्थाएं संभालीं। इस दौरान लोगों ने सवाल उठाया कि नगर कीर्तन की अनुमति से पहले प्रशासन ने दोनों रूटों पर ठीक से विचार नहीं किया। अगर किया होता तो नगर कीर्तन के रूट में बदलाव किया जा सकता था। जिससे रामघाट रोड पर जाम जैसे हालात नहीं बनते।
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कांवड़ उठाकर चले कांवड़िए
शहर में जहां-जहां होकर नगर कीर्तन ने भ्रमण किया, वहां-वहां सौहार्द देखने को मिला। कांवड़िए कांवड़ को ऊपर उठाकर धीरे-धीरे अपने कदम बढ़ाते रहे। इस दौरान नगर कीर्तन के व्यवस्थापक कांवड़ियों के निकलने में मदद कर रहे थे।
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