महिला की हत्या के बाद गभाना क्षेत्र में उसका शव फेंकने के मामले में पुलिस को अभी कोई कामयाबी हासिल नहीं हुई है। गुरुवार को पूरे दिन जांच-पड़ताल के बाद भी महिला की शिनाख्त नहीं हो सकी है। इधर हत्यारोपियों की कोशिश के बावजूद मरने से बची उसकी चार साल की बेटी शिवानी का रो-रोकर बुरा हाल है। उसने गुरुवार को खाना भी नहीं खाया। वह बार-बार यही पुकार रही है कि उसे मां के पास जाना है...।
फ्लैश बैक..बुधवार सुबह गांव टमकौली-परतापुर के बीच सरसों के खेत में करीब 27 वर्षीय महिला का शव मिला था। उसकी गला घोंटकर हत्या की गई थी। उसके पास चार साल की बेटी भी बेहोश पड़ी हुई थी। उसके गले पर भी चोट के निशान थे। अनुमान था कि आरोपी उसे मरा हुआ समझकर छोड़ गए थे। उपचार के बाद बच्ची को होश आया। उसने अपना नाम शिवानी बताया था। इसके अलावा वह कुछ नहीं बता पा रही थी।
मां की याद में नहीं खा रही खाना मासूम शिवानी बुधवार को तो गुमसुम सी रही लेकिन गुरुवार को मां की याद में उसका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उसने न के बराबर खाना खाया। दिन में बर्फी और एक बिस्कुट वहीं रात को सिर्फ आधा पराठा और आधा गिलास दूध ही पीया। गुरुवार रात 12.30 बजे तक वह कई सोकर उठी और मां की याद में रोने लगी। उसकी देखभाल महिला आरक्षी संगीता कर रही है।
कई थानों को भेजा हुलियाथाना प्रभारी मोहम्मद असलम ने बताया कि महिला ने हल्के हरे कलर की पाजामी, कुर्ती, गहरे लाल रंग का स्वेटर, हाथ में गहरे लाल रंग का कड़ा पहना है। यह हुलिया अलीगढ़ समेत आसपास के जिलों के कई थानों को भेज दिया गया है। उन्होंने ऐलान किया कि बच्ची की शिनाख्त करने वाले को इनाम दिया जाएगा।