भाजयुमो के पूर्व मंडल उपाध्यक्ष प्रॉपर्टी डीलर सोनू चौधरी की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता हेमू राजस्थान में वाकई पकड़ा गया या उसने खुद को पकड़वाया है यह अभी साफ नहीं हो सका है। पुलिस हत्या की जांच के साथ-साथ इस सवाल का सच जानने को भी जांच कर रही है।
अलीगढ़ में पिछले करीब डेढ़ दशक में हुईं सनसनीखेज हत्याओं के बाद यह तीसरा मामला है जब कोई अपराधी हत्या के बाद भागा है। पुलिस उसके पीछे लगी लेकिन वह राजस्थान में अचानक से सुनियोजित तरीके से पुलिस द्वारा तमंचे के साथ पकड़कर जेल भेज दिया गया। हेमू के इस तरह जेल जाने के बाद जब पुलिस इसके कारणों को जानने में जुटी तो अब तक तीन महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। इसमें हरदुआगंज के एक ऐसे शूटर का नाम सामने आ रहा है, जो पेशेवर है। लंबे समय से राजस्थान में सक्रिय है।
दूसरा यह कि उसी शूटर के राजस्थान में किसी विधायक से बहुत अच्छे रिश्ते हो गए हैं। उसकी मदद से वह राजस्थान में आसानी से शरण भी पाता है। अंदेशा है कि शूटर ने उसी विधायक की मदद से हेमू को तमंचे में जेल भिजवाया हो। तीसरा यह कि हेमू के गांव व क्षेत्र के कई लोगों की रिश्तेदारियां भरतपुर व आसपास के क्षेत्र में हैं। कुम्हेर के जिस एसएचओ ने उसे पकड़ा है वह भी जाट समाज से ही हैं। अंदेशा है कि किसी रिश्तेदार की मदद से तो हेमू जेल नहीं गया।
कुम्हेर पुलिस ने पूछा था हरदुआगंज पुलिस से क्राइम रिकार्ड
हेमू के राजस्थान में पकड़े जाने पर कुम्हेर पुलिस ने हरदुआगंज थाने में फोन किया था। बस उसका क्राइम रिकॉर्ड पूछकर बात खत्म कर दी थी। उसी समय हरदुआगंज पुलिस को यह अंदेशा लग गया था कि वह वहां पकड़ा गया।
हेमू चौधरी बेशक राजस्थान जेल में चला गया लेकिन उस पर यहां शिकंजा कसा जाएगा। वह वहां तक किस सहयोग से पहुंचा यह जांच का विषय है। उसके बयान, वी वारंट व रिमांड आदि की प्रक्रिया होगी। उसके कुछ अन्य साथियों को भी रडार पर लिया जा रहा है जो मददगार के रूप में सामने आए हैं। - अमृत जैन, एसपी देहात