एसपी देहात के अनुसार सीसीटीवी में पाया गया कि ये दोनों करीब साढ़े चार बजे से उस बच्ची की रैकी कर रहे हैं। उनकी हरकतों से साफ लग रहा है कि वे बच्ची की रैकी करते समय, गली में सडक़ पार करते समय यह देख रहे हैं कि कोई उन्हें देख तो नहीं रहा। घटना से पहले जब बच्ची को लेने गए हैं तो सीसीटीवी वाले रास्ते से गए हैं। मगर वापसी में ये दोनों गली के पीछे से आए हैं। इसके बाद दोनों ने अंदर बारी-बारी से बच्ची से दुष्कर्म किया है। फिर मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी है। इसके बाद शव को भूसे में दबा दिया है।
बेहोश होने पर हत्या के मामले में दोनों से हुई बहस
एसपी देहात ने बताया कि दोनों से जब इन तथ्यों के आधार पर पूछताछ हुई तो उन्होंने स्वीकारा है कि दुष्कर्म के चलते बच्ची बेहोश हो गई थी। इस पर नाबालिग आरोपी ने कहा कि अब इसे छोड़ देते हैं। मगर अजय ने जिद कर उसे यह कहते हुए मारा कि सबको बता देगी। अजय ने ही उसे यह कहते हुए भूसे में दबाया कि तीन-चार दिन बाद शव हटाकर कहीं गायब कर देंगे। इसके बाद वे आराम से चले गए। जब बच्ची की तलाश में पुलिस व परिवार जुटा था तो ये दोनों उनके साथ बच्ची को तलाश रहे थे। इधर, पुलिस को उनके घरों से उनके बदले हुए कपड़ों में भूसा भी लगा मिला है। पूछताछ में यह भी साफ हुआ है कि यह पूरा प्लान अजय का था। उसने घेर स्वामी के बेटे को अपने साथ शामिल किया। एसपी देहात के अनुसार अब दोनों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
आमने-सामने पर एक दूसरे को डराते रहे दोनों
सुबह तक अजय तो बिल्कुल नहीं टूटा था। मगर नाबालिग आरोपी टूट गया था। उसने अकेले में सच बता दिया था। जब दोनों का आमना-सामना कराया गया तो इशारों में दोनों एक दूसरे को डराते हुए फिर झूठ बोलने लगे। इस पर मजबूरन पुलिस को अजय के साथ सख्ती करनी पड़ी। सख्ती करने पर सच सामने आया। बाद में जो तथ्य उनके सामने रखे तो वे तोते की तरह सच बोलने पर मजबूर हो गए।
एसएसपी ने दिया इनाम, डीआईजी ने किया सम्मान
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि 36 घंटे में ही तथ्यातमक पहलुओं के आधार पर एसपी देहात के नेतृत्व में टीम ने खुलासा किया है। एक नाबालिग सहित दो आरोपी सामने आए हैं। तीसरा नाबालिग निर्दोष पाया गया है। इस खुलासे में पुलिस टीम की मेहतन को देखते हुए उनके द्वारा इनाम की और डीआईजी शलथ माथुर द्वारा प्रमाण पत्र से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। इधर, इन दोनों के डीएनए सैंपल आदि भी कराए जाएंगे। ताकि उनका बालिका की स्लाइड आदि से मिलान कराया जाए और यह अदालत में मजबूत साक्ष्य हों। इसके अलावा इस मुकदमे में बहुत जल्द चार्जशीट लगवाकर जल्द से जल्द ट्रायल के साथ सजा कराने का भी प्रयास होगा।