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खुलासा: रील बनाने के बहाने बच्ची को बुलाया, दुष्कर्म से हुई बेहोश, फिर कर दी हत्या, नाबालिग ने खोली पोल

Wed, 09 Aug 2023 01:41 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

दुष्कर्म के चलते बच्ची बेहोश हो गई थी। इस पर नाबालिग आरोपी ने कहा कि अब इसे छोड़ देते हैं। मगर अजय ने जिद कर उसे यह कहते हुए मारा कि सबको बता देगी। अजय ने ही उसे यह कहते हुए भूसे में दबाया कि तीन-चार दिन बाद शव हटाकर कहीं गायब कर देंगे। इसके बाद वे आराम से चले गए।
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गिरफ्तार। - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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अलीगढ़ में खैर इलाके के शिवाला चौकी क्षेत्र के गांव में रविवार देर शाम अनुसूचित जाति परिवार की आठ वर्षीय बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या का 36 घंटे में पुलिस ने खुलासा कर दिया। इस वारदात को किसी और नहीं, बल्कि रील बनाने वाले युवक व घेर स्वामी के नाबालिग पुत्र ने अंजाम दिया। तीसरे नाबालिग ने रात में अपने मां-बाप के सामने दोनों की पोल खोली। इसके बाद मंगलवार सुबह गांव के स्वर्णकार की दुकान पर लगे सीसीटीवी ने उस पोल का सच उजागर कर दिया। इसके बाद दोनों टूट गए और सच-सच बता दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को जेल भेजा जाएगा। बता दें कि सोमवार सुबह बच्ची की लाश मिलने के बाद से एसपी देहात खैर में ही कैंप किए हैं और खुद खुलासा टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।

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बताया गया है कि गैर प्रांत में नौकरी करने वाले ग्रामीण की आठ वर्षीय बालिका रविवार की देर शाम घर के बाहर खेलते समय लापता हो गई थी। इसके बाद अगली सुबह उसकी लाश घर से दो सौ मीटर दूर पड़ोसी के घेर में भूसे के ढेर में दबी मिली थी। जिसके पोस्टमार्टम में दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या होना उजागर हुआ। इस सनसनीखेज वारदात के खुलासे के लिए एसएसपी ने एसपी देहात पलाश बंसल के नेतृत्व में सीओ खैर राजीव द्विवेदी सहित पूरी टीम को लगाया था। सोमवार सुबह से ही काम में जुटी पुलिस ने दोपहर होते होते काफी कुछ तथ्य जुटा लिए थे। जिसके आधार पर देर शाम बच्ची के अंतिम संस्कार के बाद गांव के एक रील बनाने वाले युवक व घेर स्वामी के बेटे सहित दो नाबालिग को हिरासत में लिए। देर रात इनमें से एक नाबालिग ने यह कह दिया था कि वह अपने मां-बाप के सामने सब कुछ बताएगा। उसी पर काम करते हुए पुलिस ने मंगलवार शाम तक यानि घटना के 36 घंटे के अंतराल में घटना से राजफाश कर दिया।

मां-बाप के सामने आने पर ही किशोर ने बोला सच
एसपी देहात पलाश बंसल बताते हैं कि जब उन्होंने जांच शुरू की तो गांव के ही बच्ची की जाति से जुड़े उसी मोहल्ले के अजय नाम के युवक पर इस बात पर संदेह गया कि वह रील बनाता है। बच्ची के गायब होने के समय के आसपास उसी घेर में था। उसके साथ घेर स्वामी का 17 वर्ष का बेटा व एक अन्य 15 वर्षय नाबालिग और था। घेर स्वामी के बेटे पर घेर की चाभी थी। इस पर अंतिम संस्कार के बाद तीनों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया। पहले तो वे देर रात तक पुलिस को बरगलाते रहे। फिर तीसरे नाबालिग ने अपने मां-बाप के सामने लाने पर सच बताने की बात कही। इस पर रात में उसके माता पिता को बुलाया गया। उसने स्वीकारा कि हम तीनों शाम से ही साथ खेल रहे थे। 
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अजय ने रील बनाने में हमें शामिल करने की बात कही थी। इसी बीच ये दोनों इस बच्ची को रील बनाने के बहाने बुलाकर लाए। फिर इन्होंने मुझे घेर के अंदर नहीं आने दिया। बार-बार बहाने से बाहर ही रोके रखा। काफी देर बाद ये बाहर आए तो इन्होंने बाहर आकर हाथ मुंह धोये और चले गए। उसके बाद बच्ची नहीं देखी। बालक के इस बयान पर अजय व घेर स्वामी के बेटे पर शक गहरा गया। इसके बाद उनसे अलग अलग पूछताछ हुई तो वे पहले तो टूटे नहीं। मगर सुबह पुलिस ने गांव के स्वर्णकार के सीसीटीवी देखे तो पूरा भेद खुल गया। 

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सीसीटीवी में कैद पाए गए बच्ची की रैकी करते हुए

एसपी देहात के अनुसार सीसीटीवी में पाया गया कि ये दोनों करीब साढ़े चार बजे से उस बच्ची की रैकी कर रहे हैं। उनकी हरकतों से साफ लग रहा है कि वे बच्ची की रैकी करते समय, गली में सडक़ पार करते समय यह देख रहे हैं कि कोई उन्हें देख तो नहीं रहा। घटना से पहले जब बच्ची को लेने गए हैं तो सीसीटीवी वाले रास्ते से गए हैं। मगर वापसी में ये दोनों गली के पीछे से आए हैं। इसके बाद दोनों ने अंदर बारी-बारी से बच्ची से दुष्कर्म किया है। फिर मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी है। इसके बाद शव को भूसे में दबा दिया है। 

बेहोश होने पर हत्या के मामले में दोनों से हुई बहस
एसपी देहात ने बताया कि दोनों से जब इन तथ्यों के आधार पर पूछताछ हुई तो उन्होंने स्वीकारा है कि दुष्कर्म के चलते बच्ची बेहोश हो गई थी। इस पर नाबालिग आरोपी ने कहा कि अब इसे छोड़ देते हैं। मगर अजय ने जिद कर उसे यह कहते हुए मारा कि सबको बता देगी। अजय ने ही उसे यह कहते हुए भूसे में दबाया कि तीन-चार दिन बाद शव हटाकर कहीं गायब कर देंगे। इसके बाद वे आराम से चले गए।  जब बच्ची की तलाश में पुलिस व परिवार जुटा था तो ये दोनों उनके साथ बच्ची को तलाश रहे थे। इधर, पुलिस को उनके घरों से उनके बदले हुए कपड़ों में भूसा भी लगा मिला है। पूछताछ में यह भी साफ हुआ है कि यह पूरा प्लान अजय का था। उसने घेर स्वामी के बेटे को अपने साथ शामिल किया। एसपी देहात के अनुसार अब दोनों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

आमने-सामने पर एक दूसरे को डराते रहे दोनों
सुबह तक अजय तो बिल्कुल नहीं टूटा था। मगर नाबालिग आरोपी टूट गया था। उसने अकेले में सच बता दिया था। जब दोनों का आमना-सामना कराया गया तो इशारों में दोनों एक दूसरे को डराते हुए फिर झूठ बोलने लगे। इस पर मजबूरन पुलिस को अजय के साथ सख्ती करनी पड़ी। सख्ती करने पर सच सामने आया। बाद में जो तथ्य उनके सामने रखे तो वे तोते की तरह सच बोलने पर मजबूर हो गए।

एसएसपी ने दिया इनाम, डीआईजी ने किया सम्मान
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि 36 घंटे में ही तथ्यातमक पहलुओं के आधार पर एसपी देहात के नेतृत्व में टीम ने खुलासा किया है। एक नाबालिग सहित दो आरोपी सामने आए हैं। तीसरा नाबालिग निर्दोष पाया गया है। इस खुलासे में पुलिस टीम की मेहतन को देखते हुए उनके द्वारा इनाम की और डीआईजी शलथ माथुर द्वारा प्रमाण पत्र से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। इधर, इन दोनों के डीएनए सैंपल आदि भी कराए जाएंगे। ताकि उनका बालिका की स्लाइड आदि से मिलान कराया जाए और यह अदालत में मजबूत साक्ष्य हों। इसके अलावा इस मुकदमे में बहुत जल्द चार्जशीट लगवाकर जल्द से जल्द ट्रायल के साथ सजा कराने का भी प्रयास होगा।
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