करन ने बताया कि आरोपियों के खुलेआम घूमने से वह इतनी दहशत में हैं कि पिता के अंतिम संस्कार के बाद घर पर होने वाली रस्में भी नहीं निभा पा रहे हैं। पिता की चिता के फूल (अस्थियां) तक लेने नहीं गए। उन्हें त्रयोदशी संस्कार होने तक 13 दिन अपने घर पर बैठना चाहिए, लेकिन वह गांव छोड़कर ही चले गए हैं। आरोपियों की दहशत में रिश्तेदार व मिलने वाले तक शोक संवेदना जताने नहीं आ रहे।
वादी घर से चला गया है, हमने उसे बुलाया है कि वह अपने घर पर रहे पुलिस पूरी मदद करेगी। आरोपी भी फरार हैं पुलिस उनकी गिरफ्तारी में लगातार दबिशें दे रही है। प्रकरण की जांच निष्पक्षता से चल रही है, दोषी बख्शे नहीं जाएंगे, सख्त कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद पुलिस करेगी।- महेश कुमार, सीओ छर्रा