जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए प्रयासरत विरोधियों को डीएम ने झटका दे दिया है। उन्होंने शासनादेश का हवाला देते हुए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जिला पंचायत बोर्ड बैठक की तारीख देने से इंकार कर दिया है। इससे आहत विरोधी पक्ष अब दोबारा से उच्च न्यायालय जाने की तैयारी में जुट गया है।
बताते चलें कि जिला पंचायत उपेंद्र सिंह नीटू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तारीख की मांग को लेकर विरोधी सदस्यों ने जिला पंचायत सदस्य पति सुधीर सिंह एवं जिला पंचायत सदस्य अजीत गौड़ के नेतृत्व में 17 अगस्त को डीएम को उच्च न्यायालय के आदेश की कापी देते हुए अपने समर्थक 29 जिला पंचायत सदस्यों के शपथ पत्र सौंपे थे।
डीएम ने इन्हें स्वीकार करते हुए जल्द ही तारीख देने का भरोसा दिलाया था। जिला पंचायत सदस्य अजीत गौड़ ने बताया कि शनिवार को डीएम ने शासनादेश का हवाला देते हुए एक साल से पहले तारीख देने से इंकार कर दिया। पत्र में हाईकोर्ट के समक्ष से एक बार अविश्वास प्रस्ताव लौटाने का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी परिस्थिति में जब प्रस्ताव पूर्व में पारित न हो सका हो या फिर सदस्य संख्या पूरी न हो सकी हो तो पूर्व निर्धारित तारीख 29 जुलाई 2017 के दिनांक से एक साल का समय व्यतीत होने तक दोबारा से प्रस्ताव पेश करने की तारीख नहीं दी जा सकती है।
जिला पंचायत सदस्य अजीत गौड़ ने बताया कि अब हम दोबारा से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। यह मामला किसी सरकार के विरोध अथवा व्यवस्था के विरोध का नहीं है। यह न्याय की लड़ाई है और अब हम इसे न्यायालय के जरिए लड़ेंगे।