नोएडा में एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए दुर्दांत शूटर मुनीर मेहताब को अलीगढ़ लाने की कवायद शुरू हो गई है। सिविल लाइंस पुलिस ने उसके खिलाफ एएमयू छात्र आलमगीर व कारोबारी फहद हत्याकांड में वी वारंट बनवाकर कासना जेल में दाखिल कराया है। इस वारंट में अदालत ने दोनों मुकदमों में मुनीर को तलब किया है। यहां आने पर पुलिस उसे रिमांड पर लेने का प्रयास करेगी।
एनआईए अफसर तंजील अहमद हत्याकांड में दो लाख के इनामी मुनीर मेहताब निवासी बिजनौर की पिछले सप्ताह नोएडा में गिरफ्तारी हुई है। इस गिरफ्तारी के बाद मुनीर पर सबसे अधिक मुकदमे अलीगढ़ जनपद से ही खुले हैं।
इनमें एक बन्नादेवी से, छह मुकदमे सिविल लाइंस से, दो क्वार्सी से, एक बरला थाने से संबंधित है। इसमें सबसे पहले सिविल लाइंस पुलिस ने मुनीर के खिलाफ अक्टूबर 2014 में अमीर निशा में हुए कारोबारी फहद हत्याकांड और सितंबर 2015 में हुए एएमयू डीएसडब्ल्यू छात्र आलमगीर हत्याकांड में अदालत वी वारंट बनवाकर कासना जेल भेजे हैं। एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव के अनुसार दोनों मुकदमों में मुनीर को अदालत के माध्यम से तलब कराया गया है।
कई मुकदमों में चार्जशीट, विधिक राय की तैयारी
एसटीएफ द्वारा मुनीर की गिरफ्तारी के बाद अलीगढ़ को लेकर जो खुलासे हुए हैं, उनमें कुछ मुकदमों में चार्जशीट दाखिल होने के कारण परेशानी सामने आ सकती है। इनमें सबसे प्रमुख सिविल लाइंस का शनी हत्याकांड, सुदामापुरी में मोबाइल विक्रेता रामप्रताप पर हमला शामिल हैं। इसे लेकर अब पुलिस विधिक राय लेने की तैयारी भी चल रही है। ताकि उन मुकदमों के भविष्य को लेकर तैयारी की जा सके।
शनी हत्याकांड में तो अब अदालत में ट्रायल जारी है और सभी गवाही भी हो चुकी हैं।