अगीढ़ में नगर निगम की टीम ने टैक्स बकाया होने पर एक मकान को सील कर दिया। जिस समय मकान सील किया गया, उस दौरान घर में दंपती और बच्चा था। दो घंटे तक अफसरों के सामने परिवार गिड़गिड़ाता रहा लेकिन वो नहीं पसीजे। पार्षद भी बच्चे को स्कूल भेजने के लिए सील हटाने को कहते रहे लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। 10 हजार रुपये के भुगतान पर दो घंटे बाद सील हटा गई।
सात साल का कामरान स्कूल जाने को तैयार था, मां उसके लिए नाश्ता बना रही थी, पिता भी मकान के अंदर थे, इसी दौरान नगर निगम की टीम पहुंची और बिना किसी चेतावनी या पूर्व सूचना के 94 हजार का बकाया वसूलने के लिए मकान पर सील लगा दी।
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दंपती और उनका बच्चा मकान में ही कैद हो गए। इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है। पता चलने पर परिवार गिड़गिड़ाता रहा, मौके पर पहुंचे पार्षद भी बच्चे को स्कूल भेजने के लिए सील हटाने को कहते रहे, लेकिन अफसर नहीं पसीजे।
स्थानीय पार्षद का आरोप है कि सहायक नगर आयुक्त तो अपनी गाड़ी तक से नहीं उतरे। मकान मालिक अफसर अली के पास पांच हजार रुपये थे, पांच हजार उसने आसपास के लोगों से उधार लिए। 10 हजार रुपये जमा कराने और बाकी का किस्तों में भुगतान करने के आश्वासन पर सील हटाई गई।
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10 दिन पहले भेजा था नोटिस
महानगर के वार्ड संख्या 71 ऊपर कोट के मोहल्ला आतिश बाजान में अफसर अली का मकान है। नगर ने निगम 10 दिन पहले उन पर 94 हजार रुपये का संपत्ति कर बताते हुए नोटिस भेजा था। 50 गज के मकान का इतना टैक्स आने पर अफसर अली ने नगर निगम पार्षद अब्दुल मुत्तलिब के साथ जाकर नगर निगम में आपत्ति दाखिल की। आपत्ति पर अभी विचार चल रहा है।
मंगलवार की सुबह सात बजे सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह अपनी टीम के साथ मोहल्ला आतिश बाजान पहुंच गए, उस समय अफसर अली के बेटे शहबाज और उसकी पत्नी गुलख्शां अपने कक्षा एक में पढ़ने वाले बेटे कामरान स्कूल में भेजने के लिए तैयार कर रही थीं।
'बकाया जमा करने के बाद सील खुलेगी...'
पार्षद अब्दुल मुत्तलिब ने बताया कि उन्होंने सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह को इस मामले में आपत्ति दाखिल होने की जानकारी दी, साथ ही सील खोलकर बच्चे को स्कूल जाने देने की गुजारिश की, लेकिन अधिकारी ने साफ कहा कि बकाया जमा करने के बाद सील खुलेगी।
ऊपरकोट के आतिश बाजान मोहल्ले में करीब 150 घरों पर लाखों रुपये टैक्स के बकाया है, जिसे वसूलने के लिए मंगलवार को टीम के साथ निकले थे। अफसर अली पर भी बकाया था। इस कारण मकान के दरवाजे पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। बताया गया है कि उनके घर में पीछे से भी दरवाजा है। मामले को बढ़ा-चढ़ा का प्रस्तुत किया है। - वीर सिंह, सहायक नगर आयुक्त
सहायक नगर आयुक्त व कर विभाग ने 94 हजार रुपये बकाया पर अफसर अली के मकान को सील कर दिया था। भीतर कमरे में अफसर अली का बेटा-बहू और पोता थे। बहुत कहने के बाद भी सील नहीं खोली। इस कारण बच्चा स्कूल नहीं जा सका। - अब्दुल मुत्तलिब, पार्षद, उस्मानपाड़ा