आनन-फानन में मंगलवार को बुलाए गए नगर निगम बोर्ड अधिवेशन में भारी हंगामे और विरोध के बीच मूल बजट 2019-20 पास हो गया। यह मूल बजट पूर्व में कार्यसमिति द्वारा पारित कर दिया गया था। बजट में बायोमेडिकल बेस्ट के निस्तारण के लिए इंसीनरेटर स्थापित करने और अन्य अत्याधुनिक प्लांट की सौगात शहर को दी गई है। नगर निगम की बोर्ड बैठक के दौरान डेंगू के फैलने और उससे हो रही मौतों का भी मुद्दा गूंजा। साथ ही जमकर हंगामा भी होता रहा और पार्षदों ने अपने अपने क्षेत्रों की जनसमस्याओं के मुद्दे भी उठाए।
महापौर मो. फुरकान की अध्यक्षता में जवाहर भवन सदन में नगर निगम बोर्ड की कार्रवाई सुबह 11:30 बजे वंदेमातरम गान के साथ शुरू हुई। इसके बाद मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय कुमार राय ने बोर्ड बैठक में मूल बजट प्रस्तुत करने की घोषणा की। बैठक शुरू होते ही निगम कार्यकारिणी के उप सभापति पुष्पेंद्र जादौन ने स्मार्ट सिटी योजना के नाम पर शहर में की गई तोड़फोड़ और फिर वहां काम नहीं होने का मुद्दा उठा दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मूल बजट की प्रतियां तक सार्वजनिक नहीं की गई हैं। कुछ पार्षदों को तो बजट की प्रति बैठक से कुछ घंटे पहले ही मिली है। यह गुपचुप तरीके से बजट को पास कराने की साजिश है।
पार्षद दिनेश ने कहा कि 4 अक्तूबर 2018 के बाद बोर्ड की बैठक नहीं हुई जबकि प्रत्येक महीने बोर्ड की बैठक का प्रावधान है। बैठक नहीं होने पर पार्षद अपने क्षेत्र की समस्याएं नहीं उठा पा रहे हैं। पार्षद शरिक ने कहा कि क्षेत्र में डेंगू से चार की मौत हो गई है। डेंगू फैल रहा है लेकिन सफाई और फागिंग नहीं हो रही है। स्ट्रीट लाइटों में ईएसईएल कंपनी और इयोन कंपनी के बीच फुटबाल बने पार्षदों का मुद्दा उठाया। पार्षद भूदेव ने टूटी पुलिया की समस्या बताई। उन्होंने कहा कि जब सात में पांच स्वच्छता वार्ड का काम एटूजेड पर था तो खर्चा कम हो रहा था। अब सातों वार्ड एटूजेड पर हैं तो खर्चा और बढ़ गया। यह क्या है? इसके साथ ही अन्य समस्याओं को पार्षदों ने सदन में रखा।
मूल बजट 2019-20 एक नजर में (रुपये में)
- 1 मार्च 2019 को प्रारंभिक अवशेष - 1 अरब 22 करोड़ 78 लाख 3533 रुपये
- बजट 2019-20 की अनुमानित प्रस्तावित आय- 3 अरब, 46 करोड़, 90 लाख 1600 रुपये
- कुल योग- 4 अरब 69 करोड़ 68 लाख 513 रुपये
- बजट 2019-20 का अनुमानित प्रस्तावित व्यय- 4 अरब 17 करोड़ 85 लाख 19500 रुपये
- 31 मार्च 2020 को अनुमानित अंतिम अवशेष- 51 करोड़, 82 लाख 85 हजार 635 रुपये
बोर्ड बैठक की खास बातें
- शहर की सीमा के अंतर्गत प्राइवेट नर्सिंग होम और मैटरनिटी से प्रतिदिन निकलने वाले वेस्ट के निस्तारण के लिए इंसीनरेटर प्लांट के लिए 4170 वर्ग मीटर नगर निगम संपत्ति की भूमि गाटा संख्या 134 ग्राम पला साहिबाबाद पर दी गई
- शहर में कूड़े से बिजली बनाए जाने के लिए अनुबंध करने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी सदन ने दे दी
- एक पार्षद ने जब जीएम जल के कार्य क्षेत्र की समस्या बताई तो महापौर के तेवर तल्ख हो गए। उन्होंने कहा कि जीएम जल की वजह से हर बार जलालत झेलनी पड़ती है।
बजट धोखे से पास कराया: उप सभापति
पार्षदों के एक खेमे ने इस बजट को धोखे से पास कराया बजट और फर्जी आंकड़ों की जादूगरी बताया है। उन्होंने अपने बजट में संशोधन करने, इसे सरल भाषा में पार्षदों को समझाने योग्य और संशोधनों के साथ फिर से सदन में रखने की मांग की।
कार्यकारिणी के उप सभापति पुष्पेंद्र जादौन ने कहा कि वह और अन्य पार्षद विचार विमर्श करने और टायलेट आदि के लिए सदन से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान सदन में फर्जी तरीके से बजट को पास करा लिया गया। इसकी घोर निंदा करते हैं। पार्षद सुरेंद्र पचौरी ने कहा कि यह बजट नहीं फर्जी आंकड़ों की जादूगरी है। इसमें यह तो दिखाया है कि इतना पैसा खर्च करेंगे। लेकिन कितना पैसा किस मद में खर्च करेंगे। इसका कोई अता पता नहीं है। इसके अलावा नगर निगम के वाहनों में तेल का खेल होता है। स्वीपिंग मशीनें, वैक्यूम मशीनें चल नहीं रही हैं। सब गड़बड़ी है। इसका सदन में मेजें थपथपा कर स्वागत किया गया।