कानपुर में विकास दुबे की घटना को अंजाम देने के बाद प्रदेश भर में पुलिस के निशाने पर आए यूपी के जिन कुख्यात अपराधियों व माफिया की सूची बनाई गई है, उसमें कुख्यात शूटर मुनीर भी शामिल है। हालांकि वह मूल रूप से बिजनौर का रहने वाला है, मगर उसके सर्वाधिक मामले अलीगढ़ जिले में हैं और उसका पूरा गैंग भी यहीं सक्रिय है। इसके चलते ऑपरेशन क्लीन के तहत उसके गैंग पर अब पुलिस काम शुरू करेगी।
यूपी पुलिस ने प्रदेश के प्रत्येक जिले से अपराधियों की छंटनी कर ऐसे अपराधियों की सूची बनाई है, जो माफिया हैं और संगठित अपराध करते हैं। इसी सूची में मुनीर मेहताब निवासी सहसपुर स्योहरा बिजनौर भी शामिल है। मुनीर के विषय में बता दें कि वह किशोर उम्र में ही एएमयू में दाखिले के इरादे से अलीगढ़ आ गया था। उसका यहां दाखिला तो नहीं हो पाया मगर छात्र गुटों की राजनीति और झगड़ों में अपराध की दुनिया में पहुंच गया। उसने अपने दोस्त फर्रुखाबाद निवासी लॉ छात्र आशुतोष मिश्रा संग मिलकर एक गैंग खड़ा किया। मुनीर ने जिले में कई हत्याएं, कई बड़ी लूटों को अंजाम दिया। कुछ हत्याएं तो बेहद चर्चित हैं।
इसके बाद उसने बिजनौर, दिल्ली, लखनऊ में भी अपराध किए और सबसे बड़ी वारदात बिजनौर में एनआईए के डीएसपी तंजील की हत्या थी। उसके बाद से अलीगढ़ पुलिस के कुछ तेज तर्राज पुलिसकर्मियों ने उसे एसटीएफ में संबद्ध होकर गिरफ्तार किया और तभी से वह दिल्ली जेल में है। उसका एक साथी शूटर 50 हजार का इनामी सऊद अभी फरार है। अब पुलिस उसके गैंग, फरार साथियों, शरण देने वालों, पैरोकारी करने वालों, मददगारों आदि पर ऑपरेशन क्लीन में काम करेगी।