मुफ्ती इरफाहिम - स्रोत: अमर उजाला
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देश भर में वक्फ की संपत्तियों पर हो रहे अवैध कब्जों और उनके दुरुपयोग को लेकर मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता के चीफ मुफ्ती चौधरी इरफाहिम हुसैन ने एक फतवा जारी किया है। मुफ्ती इरफाहिम ने कहा है कि वक्फ की जमीन को हड़पने वाले और उनका निजी स्वार्थ के लिए उपयोग करने वाले लोग अल्लाह के सख्त अजाब (दंड) के हकदार होंगे। उन्होंने सरकार से ऐसी संपत्तियों का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर गरीबों के कल्याण में उपयोग करने का अनुरोध किया है।
बुधवार को सिविल लाइन स्थित अपने कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए मुफ्ती चौधरी इरफाहिम ने कहा कि शरीयत के नियमों के अनुसार वक्फ की जायदाद समाज के गरीब, बेसहारा और जरूरतमंदों की अमानत होती है। इसका उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के मानवता की सेवा करना है।
मुफ्ती ने कहा कि वक्फ की जमीन पर अवैध रूप से काबिज होना पूरी तरह नाजायज और हराम है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग इन संपत्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं, उन्हें परलोक (आखिरत) में इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कब्जाधारियों से अपील की है कि वे खुदा से तौबा करें और तुरंत इन संपत्तियों को खाली कर समाज के हित के लिए छोड़ दें।
मुफ्ती इरफाहिम ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकारों से भी कड़ा रुख अपनाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह ऐसी विवादित और दोषयुक्त वक्फ संपत्तियों को अपने नियंत्रण में ले। इन जमीन का उपयोग बिना किसी जाति या धर्म के भेदभाव के, जनहित और गरीबों के कल्याणकारी कार्यों के लिए किया जाना चाहिए।
मुफ्ती ने चिंता व्यक्त की कि देश में ऐसी लाखों संपत्तियां हैं, जिनका लाभ उन लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है जो वास्तव में इसके हकदार हैं। इस फतवे के जरिये उन्होंने मुस्लिम समाज और प्रशासन दोनों को वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया है।