शासन के दूत के रूप में आए जिला पुलिस के नोडल अफसर डीजी ईओडब्ल्यू डॉ.आरपी सिंह ने जिले में अपराध, कोरोना और पुलिसिंग की समीक्षा के दौरान संतोष जताया है। मगर यह भी कहा है कि अभी बहुत काम करना बाकी है। तभी अपराध व अपराधी की कमर तोड़ी जा सकेगी। हालांकि, उन्होंने एसएसपी की पीठ ठोंकते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली से वे परिचित हैं। बेहतर ही करेंगे। शनिवार सुबह से शुरू हुआ समीक्षा का दौर देर शाम तक जारी रहा।
महानिदेशक ईओडब्ल्यू ने पुलिस लाइन सभागार में सुबह सबसे पहले एसएसपी मुनिराज जी की मौजूदगी में जिला पुलिस के राजपत्रित अधिकारियों की बैठक ली, जिसमें करीब दो घंटे तक चर्चा हुई। इसके बाद अभियोजन के अधिकारियों के साथ अपराधियों के खिलाफ मुकदमों की पैरवी पर चर्चा की।
दोपहर में डीएम चंद्रभूषण सिंह व सीडीओ अनुनय झा की मौजूदगी में कोरोना को लेकर हुए कामकाज की समीक्षा की। इसके बाद दो घंटे के ब्रेक के बाद शाम को एसएसपी और अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों के साथ जिले में पुलिसिंग की थानावार समीक्षा का काम शुरू हुआ जो देर शाम तक जारी रहा। इस मौके पर एसपी सिटी अभिषेक, एसपी क्राइम डॉ.अरविंद, एसपी देहात अतुल शर्मा आदि मौजूद रहे।
स्टाफ अफसर ने रात में देखी पुलिस पेट्रोलिंग की हकीकत
कोरोना काल, नाइट लॉकडाउन, कंटनेमेंट जोन में पुलिस पेट्रोलिंग, बैरीकेडिंग, पुलिस पिकेट आदि की व्यवस्थाओं की हकीकत जानने के लिए डीजी ने अपने स्टाफ अफसर (डिप्टी एसपी) अशोक वर्मा को शुक्रवार मध्य रात्रि को सरप्राइज चेकिंग के लिए भेजा। इस दौरान वे शहर के सर्वाधिक कोरोना ग्रस्त और कंटेनमेंट जोन एरिया वाले थाना क्षेत्र देहली गेट इसके बाद बन्नादेवी, गांधीपार्क, क्वार्सी, सिविल लाइंस आदि थाना क्षेत्रों में घूमे। इस दौरान उनके स्टाफ अफसर पुलिस तैनाती की व्यवस्था की रिपोर्ट पॉजिटिव दी है। इस पर भी डीजी ने संतोष जताया है।
रात में रुकेंगे और आज भी देखेंगे लॉकडाउन
डीजी रात में यही रुकेंगे और रविवार को दिन में लॉकडाउन का रेंडम हाल भी देख सकते हैं। हालांकि, उन्होंने रविवार का अपना प्लान जारी नहीं किया है और न किसी को यह बताया है कि रविवार को क्या करना है। मगर, अधिकारियों का मानना है कि अगर रुकते हैं तो कहीं शहर भ्रमण पर न निकल जाएं।