कोरोनाकाल में बाजार में हैंड सैनिटाइजर की बाढ़ आ गई है। आलम यह है कि शहर के गली-मोहल्लों तक में सैनिटाइजर बिक रहे हैं। कई दुकानदार मुनाफे के चक्कर में घटिया व नकली सैनिटाइजर भी बेच रहे हैं। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। डाक्टर इन नकली व घटिया सैनिटाइजर से बचने की सलाह दे रहे हैं। एफडीए भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जिले में पिछले चार माह में मात्र चार सैंपल ही भरे गए हैं। इनकी भी अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है।
आम जनता की सेहत के साथ हो रहे खिलवाड़ का आलम यह है कि कई जगह स्प्रिट, पानी, फ्लेवर और थोड़ी सी ग्लिसरीन से सैनिटाइजर बनाकर बेचा जा रहा है। न कोई मानक हैं न कोई मापदंड। नॉन रजिस्टर्ड, नॉन ब्रांडेड कई तरह के सैनिटाइजर के नाम पर कुछ दुकानदार मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
ड्रग इंस्पेक्टर धीरेंद्र चौधरी ने बताया कि शहर में बिक रहे सैनिटाइजर पर संदेह होने पर फफाला मार्केट, बरला चौराहा, रामघाट रोड और जकरिया मार्केट के मेेेडिकल स्टोर्स से चार सैंपल भरे गए हैं। बरला चौराहा पर संचालित मेडिकल स्टोर संचालक पर तय मूल्य से अधिक दाम वसूलने पर भी मुकदमा किया गया है। टीम इसको लेकर आगे और भी अभियान चलाएगी।
गली-मोहल्लों में सैनिटाइजर बेचने को लेकर शासन से ही खुदरा में सैनिटाइजर बिक्री का निर्देश हैं। ऐसे में इसकी बिक्री के लिए लाइसेंस लेने को किसी को बाध्य नहीं किया जा सकता।
स्किन से जुड़ी शिकायत
मलखान सिंह जिला अस्पताल के फिजीशियन डा. यशपाल रावल का कहना है कि नकली या घटिया सैनिटाइजर के इस्तेमाल से त्वचा में जलन शुरू हो जाएगी। स्किन लाल हो जाएगी। फफोले भी पड़ सकते हैं। हार्ड केमिकल का इस्तेमाल हाथों के लिए खतरनाक होता है। जलन या त्वचा लाल होने पर तुरंत घटिया सैनिटाइजर का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।
इन बातों का रखें ध्यान
ड्रग इंस्पेक्टर धीरेंद्र चौधरी ने बताया कि सैनिटाइजर मेडिकल स्टोर से खरीदें। सैनिटाइजर खरीदते समय उसका बिल लेना न भूलें। सैनिटाइजर की बोतल पर लिखे मानकों और उसका सर्टिफिकेशन चेक करें। जिले में फिलहाल बेव डिस्टलरी, विजय केमिकल, गुडलक केमिकल और साईं फार्मा को ही इसके उत्पादन का लाइसेंस मिला है।