कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए किए गए रेलवे ने सवारी ट्रेनों को बंद कर दिया है। अब इससे रेल के अभिन्न अंग कुलियों के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। आलम यह है कि कुली व उनके परिवार भूखे पेट सोने को मजबूर हो रहे हैं। कुलियों का कहना है कि यदि रेलवे या जिला प्रशासन ने जल्द उनके लिए कोई विचार नहीं किया तो वह कोरोना से पहले भूख से दम तोड़ देंगे।
लाल वर्दी कुली एसोसिएशन की अलीगढ़ शाखा के सदस्य नगेंद्र कुमार ने बताया कि कुलियों की हालत पहले से ही खराब है। रेलवे ने यात्री सुविधाओं में इतना इजाफा कर दिया है कि अब उनको घर चलाने भर के पैसे नहीं मिल पाते। अब कोरोना के चलते ट्रेनें बंद कर दी गई हैं।
पिछले 21 मार्च के बाद से हर दिन उनके लिए काल के समान हो गया है। घरों में आटा, दाल, चावल तक नहीं हैं। बच्चों को खाना खिलाने के चलते खुद एक समय या कभी-कभी भूखे पेट ही सोने को मजबूर हैं। जल्द ही रेल या जिला प्रशासन को इसकी सुध लेनी चाहिए। डीएम साहब से अपील है कि कम से कम राशन की व्यवस्था ही करा दी जाए।