अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति जमीरउद्दीन शाह के बयान से नाराज सांसद सतीश गौतम ने उन्हीं को खत लिखकर गंभीर सवाल उठाए हैं। सांसद ने वीसी कोे लिखे खत में साफ-साफ कहा है कि आपका बयान शोभित करता है कि आप भारत की संवैधानिक व्यवस्था को मानने में यकीन नहीं रखते तथा भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय को मानने या न मानने की स्वतंत्रता रखते हैं। सांसद का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में अल्पसंख्यक स्वरूप से संबंधित मामले की सुनवाई के बाद मीडिया में कुलपति का बयान आया था कि अगर उच्चतम न्यायालय का फैसला एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप के खिलाफ आया तो कैंपस में अशांति फैल जाएगी, मैंने काफी समय से छात्रों को रोके रखा है।
सांसद सतीश गौतम ने वीसी को आगाह किया है कि आपका यह बयान विश्वविद्यालय प्रमुख होने के नाते कैंपस में सभी के लिए प्रेरणा का विषय बन सकता है। आपके बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि आपको कैंपस की शांति पसंद नहीं आ रही है, इसलिए आप तीखी बयानबाजी करके कैंपस को अशांत करने का माहौल बनाना चाह रहे हैं।
उन्होंने नसीहत दी है कि एएमयू संपूर्ण विश्व में अपना एक अलग स्थान रखता है, परंतु आप अपने बयानों से इसकी कट्टरवादी छवि बनाने में योगदान दे रहे हैं। सांसद ने अपने खत के आखिरी लाइन में कुलपति से कहा है कि मैं भविष्य में आपसे यह उम्मीद रखूंगा कि आपका कोई बयान ऐसा न हो जिससे इस शहर का और इस शिक्षण संस्थान का माहौल खराब हो। इस संबंध में पूछे जाने पर एएमयू जनसंपर्क विभाग के एमआईसी डॉ. राहत अबरार ने बताया कि सांसद का पत्र आया है। कुलपति अभी बाहर हैं, वापस लौटने पर पत्र उन्हें सौंप दिया जाएगा।