महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देेने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत शनिवार सुबह नुमाइश मैदान की कृष्णांजलि नाट्यशाला में ‘प्रेरणा दिवस’ का आयोजन हुआ। इसमें महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सांसद सतीश गौतम ने कहा कि आम आदमी के घर में बेटे और बेटी में भेदभावपूर्ण व्यवहार आज भी होता है, जो अनुचित है।
पीएम मोदी ने इस भेदभाव को हटाने के लिये सुकन्या विद्याधन योजना संचालित की। उन्होंने ही महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु वर्ष 2020 तक प्रत्येक घर में शौचालय निर्माण को आवश्यक करार दिया। इसी तरह से उन्होंने महिलाओं के लिए बीमा योजना भी चालू की है। उन्होंने मोदी सरकार की अन्य योजनाओं और सख्त सुशासन नीति से भी महिलाओं को अवगत कराया।
महिलाआें ने मोदी जिंदाबाद के नारे भी लगवाए। मुख्य अतिथि शहर विधायक जफ र आलम ने कहा कि आज भी बेटी होने पर मातम सा मनाया जाना तथा बेटे के जन्म पर जश्न मनाना आम बात है। उन्होंनेे कहा कि बेटा तो केवल एक घर चलाता है जबकि बेटी दो घरों को जोड़ती है। उन्होंने पशुपालन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, कुटीर उद्योग आदि में महिलाओं से आगे बढ़ कर काम करने का आह्वान किया। शहर विधायक ने सपा सरकार के सीएम अखिलेश यादव की नीतियों का गुणगान किया।
सीडीओ धीरेंद्र सिंह सचान ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को गरीबी से निजात दिलाने के लिये छोटी-छोटी, यहां तक की दस-दस, बीस-बीस रुपये की बचत योजनाएं चालू कर महिला स्वयं सहायता समूह चलाये। बैंक से काम-धंधे के लिये ब्याजमुक्त लोन दिलाया जाए। लीड बैंक मैनेजर शंकरलाल वर्मा ने कहा कि महिलाओं की तरक्की के लिये ब्याजमुक्त लोन की योजनाएं बेहद सार्थक हैं। डीसी मनरेगा करुणापति मिश्र और डीसी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) अमरेंद्र प्रताप सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
स्कूली बच्चों ने देशभक्ति एवं होली गीत पेश कि ये। संचालन लोक शिक्षा समिति की प्रभारी नीलम शर्मा ने किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी एमजेड खान, यूपीएसआईडीसी की आरएम स्मिता सिंह आदि उपस्थित रहे। फीरोजाबाद से आये जादूगर देव ने अपने जादू के करतब दिखाये। बैंकर्स और महिला समूहों एवं आगंतुक अतिथियों को स्मृति चिह्न प्रदान किए गए।