लीगढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर सात पर घरेलू कलह से परेशान एक महिला ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने जा रही थी, तभी उसकी सात साल की बेटी ने मां को पकड़ लिया और शोर मचा दिया। तभी जीआरपी कर्मियों ने पहुंचकर महिला को ट्रेन के आगे कूदने से बचा लिया।
जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक संदीप तोमर ने बताया कि कस्बा गभाना निवासी एक युवक की करीब 14 साल पहले शादी हुई थी। युवक गुरुग्राम में एक पेट्रोल पंप पर नाैकरी करता है। दंपती पर दो बेटे व एक बेटी है। बड़ा बेटा 12 साल का है। बेटी सात साल की है। महिला का आरोप है कि पति अक्सर शराब पीकर उससे मारपीट करता है। घरेलू कलह से दुखी होकर महिला दोनों बेटों को घर पर ही छोड़कर बेटी के साथ मायके बांदा जाने के लिए अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंच गई।
वह ट्रेन के इंतजार में प्लेटफॉर्म नंबर सात पर बैठी हुई थी। अचानक महिला ने बेटी से कहा कि तुम अपना ध्यान रखना और यहीं बैठना। इसी बीच ट्रेन आते देख महिला ने आत्महत्या करने का प्रयास किया, लेकिन पीछे खड़ी बेटी ने मां का हाथ पकड़ लिया। मां ने उसका हाथ भी झटका और खुद को छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन बेटी ने जोर-जोर से चिल्लाते हुए मदद मांगी। आवाज सुनकर जीआरपी की महिला उपनिरीक्षक लक्ष्मी सिंह व अन्य कर्मी मौके पर पहुंच गए और महिला को समझाकर ऐसा करने से रोक लिया।
बेटी की हिम्मत की हो रही सराहना
स्टेशन पर बच्ची की बहादुरी और समझदारी की खूब सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि इतनी कम उम्र में बेटी ने जो समझदारी दिखाई है, उससे मां की जान बच गई। जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक संदीप तोमर ने बताया कि महिला को ससुराल पक्ष के लोगों को थाने बुलाकर समझाकर घर भेज दिया गया है।