फुल चौराहे पर स्थित दुकान पर बेटियों के साथ धरने पर बैठीं ममता देवी।
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फूल चौराहे सराफा बाजार में बृहस्पतिवार को खूब हंगामा हुआ। यहां गिरवी रखे जेवर लेने आई मां बेटियां सराफ की मनमानी से परेशान होकर अपने घर का चूल्हा-चारपाई लेकर धरने पर बैठ गईं। देर रात समाचार लिखे जाने तक वे धरने पर बैठी थीं और पुलिस व इलाके के लोग समझाने का प्रयास कर रहे थे।
ममता चौहान पत्नी उमेश सिंह निवासी राजेंद्र नगर सारसौल बन्नादेवी खुद को भाजपा के बरौली मंडल की पदाधिकारी व आरएसएस से जुड़ा बता रही हैं। बकौल ममता उन्होंने तीन साल पहले फूल चौराहा स्थित राजेंद्र चौधरी निवासी बैंक कॉलोनी के पास कुछ जेवर गिरवी रखा था। जिसमें उन्होंने साढ़े 23 तौला सोना और एक किलो चांदी रख कर तीन लाख 26 हजार रुपये कर्ज लिए थे। बीती 11 अगस्त को पैसे चुका कर जेवर वापस लेने आई तो दुकानदार ने ब्याज सहित सात लाख 14 हजार रुपये का हिसाब बना दिया। जिसमें मोलभाव के बाद 6 लाख 15 हजार 700 रुपये देने की बात तय हो गई। दुकानदार ने कहा कि पैसों का इंतजाम करो तो जेवर बैंक लॉकर से निकाल दूंगा। मगर वह दुकान से गायब हो गया। इस पर ममता ने इस मामले में एडीएम वित्त से दुकानदार के गिरवी गठौंद के लाइसेंस की जांच करा दी। खुद दुकान पर जाती रही।
बकौल ममता जांच शुरू होने पर दुकानदार ने उनको धमकी देना शुरू कर दिया। बृहस्पतिवार को वह दुकान पर पहुंची तो पता चला कि वह दुकान बेच कर चला गया है। बगल की दुकान में निर्माण कार्य हो रहा है। ये सब देख ममता अपनी बेटियों संध्या और लकी के साथ मौके पर ही धरने पर बैठ गईं । वह अपने साथ चारपाई व चूल्हा तक लेकर आई हैं। उनका कहना है कि जब तक जेवर नहीं मिलेंगे, वह नहीं जाएंगी। पुलिस ने बमुश्किल समझा बुझा कर मामले को शांत कराना चाहा, लेकिन बात नहीं बनी। दुकानदार का पता नहीं चल पाया है, पुलिस उसको तलाश कर रही है। इस मामले में अलीगढ़ सराफ कमेटी के अध्यक्ष विजय अग्रवाल सोनी ने कहा है कि राजेंद्र चौधरी निवासी बैंक कॉलोनी पहले यहां सराफा का काम करते थे, अब वह दुकान बेच कर चले गए हैं। इससे ज्यादा उनको कोई जानकारी नहीं है।