आने वाले समय में अलीगढ़ जिले में दूध एवं उससे बनने वाले उत्पाद भरपूर मात्रा में उपलब्ध हो सकेंगे। अमूल डेयरी ने अलीगढ़ जिले में सर्वे का काम पूरा कर लिया है। जल्द ही दुग्ध संग्रह केंद्र खोलने की तैयारी कर ली है। जिले में 30 नई सहकारी समितियां गठित की गई हैं। जहां से दुग्ध उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
जिले में दस ऐसी डेयरयिां संचालित हैं, जो सीधे पशु पालकों या छोटी डेयरियों से दूध खरीदकर अपने यहां प्रोसेसिंग यूनिट के जरिये मिल्क पाउडर एवं घी तैयार कर उसे बाजार में बेचती हैं। एनसीआर की पांच नामी डेयरियां भी यहां से दूध खरीद रही हैं।
जिले में दूध के व्यापार पर गौर करें तो बड़े पशु पालकों ने डेयरियां खोल रखी हैं। दूध थोक एवं खुदरा में बेचा जा रहा है। साथ ही, बड़ी मात्रा में दूध प्रोसेसिंग यूनिटों एवं डेयरियों को भी बेचा जाता है। एक समय ऐसा भी था जब अलीगढ़ से दूध की आपूर्ति पंजाब एवं हिमाचल की दवा कंपनियों को होती थी।
पराग एवं हाइंज नाम की सहकारी क्षेत्र की डेयरियां भी दूध खरीदकर आपूर्ति करती थीं, लेकिन समय के साथ आए बदलाव के बाद निजी क्षेत्र की डेयरियों ने बाजार में कब्जा जमाना शुरू कर दिया। इसका सबसे अधिक असर पराग के कारोबार पर पड़ा है। दूध की आपूर्ति कम होने एवं बाजार में पिछड़ने से कर्मचारियों के वेतन के भी लाले पड़ रहे हैं।
अलीगढ़ मंडल में करीब 350 सरकारी दूध डेयरी हैं। जिले में करीब 125 दूध डेयरी हैं। इनमें से शहर में करीब 91 दूध डेयरी मौजूद हैं, जहां से प्रतिदिन करीब 25 हजार लीटर दूध का उत्पादन होता है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल करीब 15 फीसदी दूध की वृद्धि हुई है। निजी दूध डेयरियों की संख्या अलग है। जिले में 30 नई सहकारी समितियां गठित की गई हैं। जहां से दुग्ध उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है । चुनाव आचार संहिता हटने के बाद बजट मिल सकेगा।- दलजीत सिंह, प्रधान प्रबंधक, अलीगढ़ दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ अलीगढ़