जम्मू में हुए बस हादसे में इगलास तहसील के गांव नाया के 12 लोगों की मौत के बाद युवाओं में आक्रोश है। गांव में आह, आंसू और अफसोस सब तरफ दिख रहा है। हर कोई गमजदा है। शुक्रवार शाम गांव के बाहर खड़े गगन चौधरी और उनके साथी युवा बोले कि केंद्र और प्रदेश सरकार मृतक आश्रितों को सरकारी नौकरी देने का एलान करेगी, तभी अंतिम संस्कार किए जाएंगे। मृतकों के आश्रितों के पास अब जीवनयापन के साधन नहीं है, आखिर वह क्या करेंगे..? युवाओं में इन मौतों को लेकर जबरदस्त रोष है।
गांव में दो दिन से चूल्हे नहीं जल रहे हैं। बच्चों के लिए भी आस पड़ोस के गांव से खानेपीने का सामान भेजा जा रहा है। पीड़ितों के रिश्तेदार और परिचित गांव में मृतक परिवारों के साथ हैं। वही उनकी देखभाल कर रहे हैं। लोगों का आना जाना लगा हुआ है। पीड़ित परिवारों की कुछ महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है। भीषण गर्मी के कारण कुछ महिलाओं की तबीयत भी खराब हो रही है। हादसे की खबर मिलने के बाद से कई महिलाओं ने शुक्रवार शाम तक कुछ नहीं खाया था, इसलिए उनकी हालत खराब होने लगी थी। छोटे बच्चे भी परेशान हैं। किशोरवय किसी तरह खुद को संभाल पा रहे हैं। 31 मई को पूर्ति विभाग की टीम ने पीड़ित परिवारों तक खानेपीने का सामान पहुंचना शुरू कर दिया है, ताकि कोई बीमार न पड़े और गमगीन लोगों को कुछ सहारा दिया जा सके।
बस हादसे के बाद गांव के दस से ज्यादा लोग जम्मू गए थे, जो अब वापस आ रहे हैं। गांव के सभी व्यक्तियों के सवाल एक जैसे हैं कि घटना कैसे हुई..? आखिर इतने लोगों की जान कैसे गई..? उन्हें क्यों नहीं बचाया जा सका..? सरकार इस हादसे के बाद पीड़ितों की क्या मदद कर रही है..? मृतकों के आश्रितों का गुजारा अब कैसे होगा..? गांव के बुजुर्ग भी इस हादसे के बाद सदमे में हैं। कुछ ने अपने दोस्तों तो कुछ ने पड़ोसी और रिश्तेदारों को खो दिया है। यह बुजुर्ग अब शवों के आने की बाट जोह रहे हैं ताकि आखिरी बार उन्हें फिर से देख सकें।
बस दुर्घटना में मृत व घायल लोगों के प्रति प्रदेश सरकार की पूरी सहानुभूति है। इस दुख की घड़ी में सरकार हर तरह से उनके साथ है। मृतकों के शव और घायलों को उनके घर तक लाने की व्यवस्था ट्रेन के जरिए सरकार द्वारा की गई है। पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद की जाएगी। -अनूप प्रधान, राजस्व राज्य मंत्री।
जिला प्रशासन दुख की इस घड़ी में पीड़ितों के साथ है। प्रशासन की ओर से हर संभव मदद की जा रही है घायलों का समुचित उपचार कराया जाएगा। -विशाख जी, जिलाधिकारी अलीगढ़।
अलीगढ़ उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल द्वारा 31 मई को जम्मू बस हादसे में मारे गए 22 लोगों को श्रद्धांजलि देकर केंडल मार्च निकला गया। प्रसिद्ध सिद्ध पीठ हनुमान मंदिर में श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिलाध्यक्ष भूपेंद्र वार्ष्णेय ने कहा कि प्रसाशन, बस मालिक व टूर ऑपरेटर की लापरवाही से 22 लोगों की असमय मृत्यु हुई है। ऐसे लोगों को दंडित किया जाए। प्रदेश संगठन मंत्री सुरेश चंद्र पेठा, प्रदेश प्रचार मंत्री सर्वेश चंद्र वार्ष्णेय, महानगर महामंत्री विशाल भगत, प्रदेश मंत्री विष्णु ठाकुर, युवा जिलाध्यक्ष धुर्वेश चन्द्र वार्ष्णेय, सचिन गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष अनिल राज गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, ज्ञान स्वरूप बाबा आदि मौजूद रहे।
राष्ट्रीय सर सैयद विचार मंच के फिरदौस नगर स्थित शिविर कार्यालय पर शोकसभा तारिक गांधी की देखरेख में हुई। जिसमें जम्मू के अखनूर में बस खाई में गिरने से हुई मौतों पर शोक जताया गया और मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई। बस में क्षमता से अधिक तीर्थयात्रियों के बिठाने पर उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई। शोकसभा में प्रो. लियाकत अली राव, इंजी. फिरोज खान, सेवादल के शहर अध्यक्ष शाहिद खान, अहमर अली आदि मौजूद रहे।