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अलीगढ़ः बिना सहमति के चल रहे 200 से अधिक ईंट भट्ठे, होंगे बंद

Fri, 08 Apr 2022 08:32 PM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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एक भट्ठे में पानी भरवाकर बंद कराते एसडीएम विवेक कुमार यादव। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा पर्यावरण संरक्षण के हितों में मानकों के विपरीत चल रहे ईंट भट्ठों की अगली सुनवाई इसी महीने होनी है। इससे पहले पांच अप्रैल 2021 को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ईंट भट्ठों के मानकों की जांच के लिए गठित की गई समिति आंकड़े इकट्ठा करने में लगी हुई है। अब तक सामने आ रहा है कि 200 से अधिक ईंट भट्ठे सहमति के बिना चलते हुए मिले हैं, जिन पर नियमानुसार प्रक्रिया के तहत बंदी आदेश लागू कराया जाना है। दस्तावेज प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला प्रशासन के सहयोग से बंदी लागू होगी। इसके बावजूद अगर ईंट-भट्ठे चलते हुए मिले तो मुकदमे की प्रक्रिया शुरू होगी। 
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अलीगढ़ जनपद में अवैध रूप से चल रहे ईंट-भट्ठों तथा वायु प्रदूषण को लेकर झम्मनलाल ने एक मामला एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) में दाखिल किया था, जिसकी प्रत्येक सुनवाई पर विभिन्न तथ्य सामने आए। इसके साथ ही हर तारीख पर नया आदेश जिला प्रशासन के पास भेजा जाता रहा।



इसी मामले की सुनवाई में ईंट भट्ठों की जांच करने के लिए एक समिति का गठन किया गया, जिसने प्रत्येक ईंट-भट्ठों पर जाकर मानक और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय या प्रयोगशाला से लिए जाने वाले सहमति पत्र की पड़ताल की। इस समिति ने पड़ताल की तो सामने आया कि 200 से अधिक ईंट-भट्ठे सहमति लिए बिना चल रहे हैं। समिति वैधानिक प्रक्रिया अपनाकर इन पर बंदी आदेश पालन करा रही है। इसके साथ ही सभी ईंट-भट्ठों की जानकारी और उनकी संख्या को लेकर भी रिपोर्ट बनाई जा रही है।
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यह रिपोर्ट एनजीटी में इसी महीने सुनवाई से पहले प्रेषित होनी है, जबकि राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने पांच अप्रैल को जांच समिति के साथ बैठक की। इस दौरान मानकों के विपरीत चल रहे ईंट भट्ठों की बंदी करते हुए किसी भी दशा में इनका संचालन बंद रखने का निर्णय लिया है। दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कराकर इन भट्ठों को प्रशासन के सहयोग से बंद कराया जाएगा। इसके बावजूद अगर ईंट-भट्ठे चलते मिले तो संचालकों पर मुकदमे दर्ज कराए जाएंगे। 

एनजीटी की सुनवाई के लिए जांच समिति आंकड़े और सभी ईंट-भट्ठों का डाटा इकट्ठा कर रही है। जल्द ही यह रिपोर्ट एनजीटी को प्रेषित कर दी जाएगी। ईंट-भट्ठों के आंकड़े भी समिति की जांच के बाद सामने आएंगे, लेकिन यह भी तय है कि मानकों के विपरीत किसी भी सूरत में ईंट भट्ठों का संचालन नहीं होने देंगे। 
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- सपना श्रीवास्तव, क्षेत्रीय अधिकारी, क्षेत्रीय कार्यालय एवं प्रयोगशाला, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 
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