बंदरों का झुंड लड़ते हुए बाइक के पास पहुंच गया, जिसमें से एक बंदर अगले पहिये में फंस गया। बंदर की चीख सुनकर और बंदर भी आ गए। दुकानदारों ने फंसे बंदर को बाहर निकालने का प्रयास किया तो बंदर घुड़की देने लगे।
गभाना के मुख्य बाजार में एक बाइक के पहिये में एक बंदर फंस गया। जिसे देखकर वहां बहुत सारे बंदर इकट्ठा हो गए। बड़ी मुश्किल से दुकानदारों ने बंदर को पहिये में से निकाला, तब कहीं जाकर वहां से बंदर इधर-उधर हुए।
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गभाना कस्बे में बंदरों का आतंक दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। गली-मोहल्लों के अलावा मुख्य मार्गो पर बंदर झुंड बनाकर बैठे रहते हैं। जिससे लोगों का निकलना भी दुर्भर हो गया है। आए दिन बंदर लोगों पर हमला कर घायल कर देते हैं। 6 सितंबर की सुबह कस्बे के मुख्य बाजार पर बाइक खड़ी हुई थी। इसी बीच बंदरों का झुंड लड़ते हुए बाइक के पास पहुंच गया, जिसमें से एक बंदर अगले पहिये में फंस गया।
बंदर की चीख सुनकर और बंदर भी आ गए। दुकानदारों ने फंसे बंदर को बाहर निकालने का प्रयास किया तो बंदर घुड़की देने लगे। वहां पर दुकानदार, राहगीर एकत्रित हो गई। लोगों ने कड़ी मश्क्त के बाद बंदर को बाहर निकाला। तब कहीं जाकर वहां से बंदर भागे और सभी ने राहत की सांस ली।