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Aligarh News: नीरज के पहले गीत को मो. रफी ने दी थी आवाज

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मोहम्मद रफी। - फोटो : Social Media
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पद्मभूषण गोपालदास नीरज के फिल्मों के लिए लिखे गए पहले गीत कारवां गुजर गया... को मो. रफी ने आवाज दी थी। इसके बाद तो नीरज का फिल्मी दुनिया में कारवां चलता ही रहा। बाद के वर्षों में एक के बाद एक नीरज के लिखे लोकप्रिय और कालजयी गीतों को मो. रफी ने आवाज दी।
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इनमें से फिल्म चंदा और बिजली के गीत समय का पहिया घूमे रे ....को फिल्म फेयर अवार्ड भी प्रदान किया गया। आज भले ही अलीगढ़ में जनकपुरी स्थित नीरज के आवास पर वीरानी छाई है लेकिन एक वक्त था जब यहां गीत, कविता और साहित्य प्रेमियों का संगम रहता था।

नीरज के पुत्र मिलन प्रभात गुंजन अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताते हैं पापा का फिल्मों तक पहुंचने का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उन दिनों नीरज जी मुंबई (तब बॉम्बे) में एक कवि सम्मेलन में शिरकत करने गए थे। इत्तेफाक से उस महफिल में फिल्म निर्माता आर चंद्रा भी मौजूद थे, जो मूल रूप से अलीगढ़ के ही रहने वाले थे।
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नीरज जी का काव्य पाठ सुनकर आर चंद्रा मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने तुरंत नीरज जी से कहा, नीरज जी, मैंने आपकी कविताएं सुनी हैं और मैं चाहता हूं कि आप मेरी आने वाली फिल्म के लिए गीत लिखें। उस समय आर चंद्रा फिल्म नई उमर की नई फसल बना रहे थे। उन्होंने आग्रह किया कि नीरज जी कुछ दिन मुंबई में ही रुक जाएं, ताकि गानों की रिकॉर्डिंग समय पर हो सके।
गुंजन बताते हैं कि हालांकि कुछ व्यस्तताओं के चलते नीरज जी ने वहीं रुकने में असमर्थता जताई, लेकिन उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह बेहतरीन रचनाएं भिजवा देंगे, जिनकी रिकॉर्डिंग बाद में करवा ली जाए।

जब रफी साहब की जुबान पर सजे ''नीरज'' के बोल

वापस लौटने के बाद नीरज जी ने कुछ चुनिंदा गीत लिखकर मुंबई भेजे। इनमें वे अमर रचनाएं शामिल थीं जिन्होंने आगे चलकर इतिहास रच दिया। कारवां गुजर गया...देखती ही रहो ...आज की रात बड़ी शोख बड़ी नटखट है...।
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