अलीगढ़। नए साल में एएमयू के अब्दुल्ला हॉल की 1400 लड़कियों को सौगात मिलेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब्दुल्ला हॉल के लिए एक करोड़ की लागत से दो माडर्न किचेन बनाने की हरी झंडी दे दी है। गत दिनों एएमयू एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने भी एक करोड़ रुपये की हरी झंडी दे दी है।
एएमयू वीमेंस कॉलेज की छात्राएं अब्दुल्ला हॉल में रहती हैं। यह हॉल वीमेंस कॉलेज परिसर में स्थित है। इस हॉल में करीब 1400 छात्राएं रहती हैं। हॉल में एक ही किचेन होने के कारण छात्राओं को खाने-पीने में बहुत दिक्कत होती थी। वीमेंस कॉलेज स्टूडेंट यूनियन चुनाव के दौरान एवं उसके बाद यह मसला कई बार उठा था। कुलपति एवं सह कुलपति भी छात्राओं की इस परेशानी से अवगत थे और छात्राओं के लिए दो किचेन बनवाने का आश्वासन दिया था।
7 जनवरी को आयोजित एग्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में अब्दुल्ला हॉल की छात्राओं के लिए दो माडर्न किचेन बनवाने के लिए एक करोड़ की राशि खर्च करने को हरी झंडी मिल गई है। 700-700 छात्राओं पर एक किचने होगा। इससे छात्राओं की परेशानी कम होगी और साफ एवं स्वच्छ स्थिति में खाना मिल पाएगा।
ईसी में अब्दुल्ला हॉल समेत कुल 893.12 करोड़ रुपये से कैंपस में इंफ्रास्ट्रक्चर एवं अन्य कार्य करने के लिए अधिकृत कर दिया गया। इसमें हॉलों में फर्नीचर एवं बंक बेड के लिए तीन करोड़, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एवं रिपेयर के लिए 1.40 करोड़, जेएन मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में आईवीएफ लैब के लिए 50 लाख, मनोविज्ञान विभाग में लैब के लिए 50 लाख एवं मौलाना आजाद लाइब्रेरी को 30.92 लाख आदि शामिल हैं।
इसके साथ ही एएमयू में तमाम पुराने भारी पंखे हटाकर नए पंखे लगाए जाएंगे। इसके लिए 68 लाख की राशि निर्धारित की गई है। पुराने पंखे बदलने का प्रमुख कारण बिजली की अधिक खपत है।