उत्तर प्रदेश के मुख्य सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी ने पूर्व छात्रों से धन संग्रह कर एएमयू में फैकल्टी एवं आधुनिक कक्षाओं आदि का निर्माण कर छात्रों के सामने आदर्श प्रस्तुत करने का आह्वान किया है। वह रविवार को एएमयू के कैनेडी हॉल में दो दिवसीय पूर्व छात्र सम्मेलन समारोह के उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन में भारत सहित विश्व के कई देशों के करीब 600 पूर्व छात्र शामिल हुए। सम्मेलन में संस्थान के उत्थान एवं विकास के लिए धन जुटाने पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र अपने आपको आदर्श के रूप में प्रस्तुत करें। वे गरीब छात्रों की सहायता भी कर सकते हैं ताकि वह अपने जीवन में सफल हो सकें। उन्होंने पूर्व छात्रों से उच्च स्तरीय शोध के लिए धन उपलब्ध कराने की अपील की। कहा, सर सैयद अहमद खां मुसलमानों में पहले व्यक्ति थे जिन्होंने इस्लाम का नया ओरिएंटेशन सोचा और इस सोच के साथ एमओ कॉलेज की स्थापना की, जो आज हमारे सामने एएमयू के रूप में मौजूद है।
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हृदयरोग विशेषज्ञ पद्मभूषण डॉ. अशोक सेठ ने कहा कि इस संस्थान ने उन्हें आपसी प्रेम, सद्भाव और तहजीब सिखाया और संपूर्ण इंसान बनाया। उन्होंने घोषणा की कि मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग सेंटर में कैथलैब बनाने, दिल के रोगियों का अलीगढ़ में इलाज कराने के लिए वह हर तरह का सहयोग प्रदान करेंगे। अमेरिका से आए एमरेटस प्रोफेसर हबीब जुबेरी ने कहा कि यूरोप तथा एशियाई देशों में फैले पूर्व छात्र एक साथ मिलकर छात्रों के लिए फंड और स्कॉलरशिप एकत्रित कर सकते हैं। कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने कहा कि पूर्व छात्रों का दायित्व है कि वे अपना समय, कौशल, ज्ञान तथा अनुभवों के भंडार छात्रों के साथ शेयर करें।
इस मौके पर फाइन आर्ट्स विभाग की डॉ. असमा काजमी ने फिल्म अभिनेता और एएमयू के पूर्व छात्र नसीरुद्दीन शाह के बचपन और जवानी के दो पोर्टेट भेंट कीं। अमेरिका से पधारे डॉ. नौशां असरार की शायरी की पुस्तक ‘दिल से दिल तक’ तथा जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राहत अबरार की पुस्तक ‘मुस्लिम यूनिवर्सिटी की कहानी फरजंदाने अलीगढ़ की जुबानी’ के साथ एक स्मारिका का भी विमोचन किया गया। प्रख्यात अभिनेता नसीरउद्दीन शाह ने कल्चरल एजूकेशन सेंटर की वेबसाइट का उद्घाटन किया। कार्यक्रम को प्रो. चांसलर नवाब इबने ऑफ छतारी, पीवीसी सैयद अहमद अली आदि ने संबोधित किया। एलुमनई अफेयर्स कमेटी के अध्यक्ष डॉ. सुहैल साबिर ने अतिथियों का स्वागत तथा रजिस्ट्रार डॉ. असफर अली खान ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. एफएस शीरानी ने किया।