पिछले दिनों शहर के कनॉट प्लेस समझे जाने वाले सेंटर प्वाइंट के पास मोबाइल शोरूम में हुई 25 लाख कीमत के मोबाइल की चोरी के मामले में पुलिस को सुराग मिला है कि चोरी किए गए मोबाइल नेपाल में बेचे गए हैं। पुलिस अब इंटेलिजेंस के माध्यम से ऐसे गिरोह का पता लगाने में जुट गई है जो एक देश में चोरी कर दूसरे देश में माल को बेचते हैं। इस संबंध में पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर नेपाल भी भेजा है। इसके अलावा पुलिस कुछ केंद्र शासित राज्यों में भी इस संबंध में सुराग तलाशने में जुट गई है।
18 सितंबर को सेंटर प्वाइंट से रामघाट रोड की ओर जाने वाले समद रोड पर एक शोरूम में मोबाइल की चोरी हुई थी। इन मोबाइल की कीमत 25 लाख रुपये आंकी गई थी। पुलिस ने इसमें सीसीटीवी फुटेज खंगाली। कई लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग हासिल नहीं हुआ था। सीसीटीवी में चार-पांच चोर टहलते हुए दिख रहे थे, लेकिन उनकी पहचान जाहिर नहीं हुई थी। इस मामले में तीन पुलिस कर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया था। अब पुलिस को सुराग मिला है कि चोरी किए गए मोबाइल नेपाल के बाजार में बेचे गए हैं । इस चोरी में अंतरराष्ट्रीय चोरों का एक गिरोह भी शामिल है।
थाना सिविल लाइन के प्रभारी इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार दुबे कहते हैं इतना पता लग गया है कि मोबाइल के ईएमआई नंबर बदलकर उन को नेपाल में बेच दिया गया है। इसी आधार पर एक खास टीम नेपाल भेजी गई है। जल्द ही इस मामले का खुलासा हो जाएगा।