अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में शुरू होने वाले कोरोना वायरस वैक्सीन के परीक्षण के लिए सबसे पहले वालंटियर के रूप में एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने अपना पंजीकरण कराया।
हैदराबाद की फार्मा कंपनी भारत बायोटेक के द्वारा कोरोना वायरस वैक्सीन कोवैक्सिन के तीसरे चरण के ट्रायल के लिए मंगलवार से मेडिकल कॉलेज में रजिस्ट्रेशन का काम शुरू हुआ। प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद और भारत बायोटेक के नेतृत्व में वैक्सीन का अध्ययन और मूल्यांकन का काम करना है। इस परीक्षण के लिए स्वेच्छा से अनुसंधान में भाग लेने से महामारी का बेहतर इलाज विकसित करने में योगदान होगा।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने बताया कि इस क्लीनिकल परीक्षण का प्रबंधन करने के लिए डॉक्टरों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं की एक नैतिक समिति पहले ही गठित की जा चुकी है। टीका परीक्षण के लिए आवश्यक कर्मचारियों की भर्ती की गई है। प्रोफेसर मोहम्मद शमीम ने कहा कि वैक्सीन परीक्षण के पहले और दूसरे चरण के परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। जो वॉलिंटियर्स परीक्षण में भाग लेंगे उन्हें इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च के दिशा-निर्देशों के अनुसार यात्रा भत्ता और अन्य लाभ भी मिलेंगे।
मेडिसिन संकाय के डीन प्रोफेसर राकेश भार्गव ने अधिक से अधिक लोगों से इस वैक्सीन के परीक्षण में स्वेच्छा से भाग लेने का आग्रह किया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार अब्दुल हमीद आईपीएसए, प्रोफेसर शादाब खान, ईएनटी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर कमलेश चंद्र, सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर सैयद अमजद अली रिजवी, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर निशात अख्तर, प्रोफेसर असद खान, प्रोफेसर अनीस अहमद आदि मौजूद थे।