एमएलसी चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने के बाद आचार संहिता लागू हो गई है। एमएलसी के लिए 3 मार्च को मतदान होगा। अलीगढ़ और हाथरस जिले के करीब पांच हजार मतदाता नये विधान परिषद सदस्य का चुनाव करेंगे।
इधर, इसे लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्य दल दमदार दावेदारों की तलाश में जुट गए हैं। वहीं कई चेहरे सामने भी आ गए हैं, जोेकि चुनाव को लेकर गोटियां फिट कर रहे हैं। अगले कुछ दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।
निर्वाचन आयोग द्वारा एमएलसी का चुनाव कार्यक्रम घोषित करने के बाद अब आचार संहिता लागू हो गई है। यहां भी अलीगढ़ और हाथरस के करीब पांच हजार से ज्यादा मतदाता विधान परिषद सदस्य (स्थानीय निकाय) का चुनाव करेंगे। नाम निर्देशन के लिए अंतिम तिथि 15 फरवरी है। 16 फरवरी को इसकी जांच होगी। नाम वापसी के लिए अंतिम तिथि 18 फरवरी है। मतदान तीन मार्च को होगा। मतगणना 6 मार्च को होगी।
एमएलसी का चुनाव कार्यक्रम तय होने के साथ ही आचार संहिता लागू कर दी है। इधर, इसे लेकर अलीगढ़ और हाथरस दोनोें जिलों में राजनीतिक सरगर्मी बेहद तेज हो गई है। अभी तक मुकुल उपाध्याय एमएलसी थे। इस बार उन्हें बसपा ने शिकारपुर (बुलंदशहर) से पार्टी का एमएलए का प्रत्याशी बनाया है।
ऐसे में वह चुनाव न लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। बसपा, सपा, रालोद, भाजपा, रालोद सहित अन्य दल इस चुनाव में अपनी रणनीति तय करने में लगे हैं।