शिक्षक खंड आगरा क्षेत्र के चुनाव में छठवें स्थान पर रहे सपा प्रत्याशी हेवेंद्र चौधरी उर्फ हउआ चौधरी ने कहा कि ये उनका पहला चुनाव था। शिक्षकों से उनको बड़ा समर्थन मिला, लेकिन उनकी मेहनत सफलता में नहीं बदल सकी। शिक्षकों का फैसला उनको स्वीकार्य है। वित्तविहीन शिक्षकों को समान वेतन, चिकित्सा सुविधा और बेहतर मानदेय दिलाने के लिए वह बीते 16 वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं। उनकी ये लड़ाई जारी रहेगी। प्रदेश में सपा सरकार आने के बाद वह इसको लागू कराने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में धन बल का प्रयोग करने वाले सफल हुए हैं।
हउआ चौधरी ने बताया कि वर्ष 2008 और 2014 में उन्होंने एमएलसी का टिकट मांगा था, उस वक्त गुमान सिंह को सपा का समर्थन मिला था। इस बार उनको मौका मिला। टिकट मिलने के बाद से ही इस चुनावी क्षेत्र के 12 जिलों में घूमे। वहां के शिक्षकों की समस्याओं को करीब से जाना, क्योंकि वह खुद शिक्षक हैं। इसलिए इस वर्ग की समस्याओं से परिचित हैं। हउआ चौधरी की राजनीतिक पृष्ठभूमि में प्रधानी, ब्लाक प्रमुख और जिला पंचायत के चुनाव पहले से ही शामिल थे, जिसमें उनके परिजन कई चुनाव जीते। उनके पैतृक गांव नहल में लगभग 44 वर्षों तक प्रधानी उनके परिवार में रही। केएमवी इंटर कॉलेज अतरौली में नागरिक शास्त्र के प्रवक्ता हउआ चौधरी के परिवार में अतरौली क्षेत्र में कई इंटर कॉलेज हैं। उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का निर्देश हुआ तो वह अतरौली या शिकारपुर में विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं, क्योंकि इस इलाके में वह कई वर्षों से पार्टी का काम कर रहे हैं।
जगवीर तीसरे और हउआ चौधरी रहे छठवें स्थान पर
इस चुनाव में आगरा के आकाश अग्रवाल पहले, भाजपा के डा. दिनेश वशिष्ठ दूसरे, माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) से जगवीर किशोर जैन (अलीगढ़ निवासी) तीसरे, माध्यमिक शिक्षक संघ (चेत नारायण गुट) से गुमान सिंह चौथे, माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के निरंजन सिंह सोलंकी पांचवें और सपा के हेवेंद्र चौधरी (अलीगढ़ निवासी) छठवें स्थान पर रहे हैं।
दो गुटों और दो पार्टियों में टक्कर
1- राजनीतिक दल से सपा से हेवेंद्र चौधरी उर्फ हउआ चौधरी, भाजपा से डा. दिनेश वशिष्ठ।
2- माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा से आगरा से आकाश अग्रवाल और मथुरा से निरंजन सिंह सोलंकी मैदान में थे।
3- माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) से जगवीर किशोर जैन और चेत नारायण गुट से गुमान सिंह मैदान में थे।