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एमएलसी चुनाव : शाम को अधूरी छूटी बात, आधी रात को मिला साथ

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अलीगढ़-हाथरस स्थानीय निकाय चुनाव में शुरुआत से गेम चेंजर की भूमिका में नजर आ रहे लोकदल अध्यक्ष व पूर्व एमएलसी सुनील सिंह को मनाने में भाजपा कामयाब रही। समर्थन के मुद्दे पर रविवार शाम सुनील सिंह के आवास पर अधूरी वार्ता पर आधी रात को जयवीर सिंह के आवास पर मुहर लग गई। परिवार के सियासी करीबियों की पैरोकारी के दम पर सुनील सिंह नामांकन से पीछे हटने को तैयार हो गए और भाजपा को समर्थन का एलान कर दिया। इस दौरान उनकी पार्टी हाईकमान से भी वार्ता कराई गई और हाईकमान ने उनके पूरे सम्मान का भरोसा दिलाया है।
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यह बात जगजाहिर है कि 80 के दशक तक जिले की सियासत में रसूख रखने वाले परिवार के सियासी वारिस लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह इस चुनाव को पिछले तीन बार से लड़ रहे हैं। उससे पहले एक मर्तबा उनके पिता भी यह चुनाव लड़े व जीते थे। सुनील सिंह इस चुनाव के लिए समय से तैयारी शुरू कर देते हैं। बेशक वे दो चुनाव हारे हैं। मगर दोनों बार विपक्षियों के पसीने छुड़वाए हैं। इस बार भी उनकी तैयारी कुछ ऐसी ही थी। उनका प्रयास था कि पिछले तीन बार की तरह भाजपा इस बार भी उन्हें समर्थन दे। मगर ऐनवक्त पर भाजपा ने पार्टी जिलाध्यक्ष चौ. ऋषिपाल सिंह को प्रत्याशी घोषित कर दिया।
इसके बाद पार्टी ने सबसे मजबूत दावेदार सुनील सिंह को अपने पक्ष में समर्थन देने के लिए मनाने का दौर शुरू किया। दलील यही थी कि पार्टी ने आपको तीन बार समर्थन दिया है। अबकी वे पार्टी को समर्थन दें। रविवार शाम उनके आवास पर वार्ता हुई। मगर उस समय सहमति नहीं बन सकी। फिर रात में दूसरे दौर की वार्ता उनके परिवार के बेहद करीबी सियासी पैरोकारों के जरिये शुरू हुई। आधी रात को पूर्व मंत्री व बरौली विधायक ठा.जयवीर सिंह के आवास पर वार्ता शुरू हुई। जिसमें तमाम जद्दोजहद व समझाने-मनाने के बाद पार्टी सुनील सिंह का समर्थन लेने में कामयाब रही। इसके बाद सुबह उन्होंने नामांकन न करने का ऐलान किया और वहीं से उनकी पार्टी आलाकमान से वार्ता कराई गई। इस दौरान जयवीर सिंह के अलावा, भाजपा नेता आरपी सिंह, योगेश शर्मा, ऋषिपाल सिंह सहित तमाम भाजपाई मौजूद रहे।
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आधी रात को प्रधान संगठन को भी मनाया गया
एमएलसी चुनाव में इस बार ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष मनोज सिंह की ओर से भी नामांकन का एलान किया गया था। मगर आधी रात को जयवीर सिंह के आवास पर मनोज सिंह व उनके तमाम समर्थकों संग बैठक में उन्हें भी मना लिया गया। मनोज सिंह की ओर से भी नामांकन न करने की सहमति दी गई और भाजपा को समर्थन की बात कही गई।
- भाजपा हमें पिछले तीन बार से समर्थन देती आई है और इस बार हमारे कुछ सहयोगियों, समाज के लोगों व भाजपा के वरिष्ठजनों ने कहा कि समाज से एक ही व्यक्ति चुनाव लड़े तो बेहतर होगा। हम पर भाजपा के तीन चुनाव के एहसान रहे हैं। इन बातों को ध्यान में रखकर ऋषिपाल सिंह को समर्थन देने का निर्णय लिया गया है। चूंकि, भाजपा बेहतर काम कर रही है। हम जो पंचायत क्षेत्र में क्रांति लाना चाहते हैं, उस दिशा में भाजपा प्रयासरत है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया है। एक समय में खुद हमारी पार्टी के संस्थापक चौ. चरण सिंह व भाजपा संस्थापकों में शामिल अटल जी भी साथ चुनाव लड़ते थे तो हमने भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का काम किया है। - सुनील सिंह, पूर्व एमएलसी/लोकदल अध्यक्ष
विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं : जसवंत
सपा के एमएलसी प्रत्याशी जसवंत सिंह यादव ने नामांकन करने के बाद पत्रकारों से कहा कि वह विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं।
सोमवार को कलेक्ट्रेट पर उन्होंने कहा कि वह दूसरी बार एमएलसी का चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए चुनाव लड़ने की रणनीति के बारे में उन्हें पता है, किस तरह और कैसे चुनाव लड़ा जाए। वह जीत के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। सत्तारूढ़ भाजपा का प्रत्याशी सामने होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें इससे कोई मतलब नहीं है, केवल अपना चुनाव लड़ना है। पिछली बार एमएलसी चुनाव लड़ चुके सुुनील सिंह ने भाजपा प्रत्याशी को समर्थन के सवाल पर जसवंत सिंह ने कहा कि यह सुनील सिंह का अपना निर्णय है, इसलिए इस पर कुछ नहीं कहना है। जसवंत सिंह ने कहा कि इस बार भी विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे हैं, जो क्षेत्र विकास से वंचित रह गए हैं, उनमें विकास करना है। इससे पहले वे समर्थकों व पार्टी नेताओं संग क्वार्सी कार्यालय से नामांकन करने कलेक्ट्रेट पहुंचे। ब्यूरो
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