फीरोजाबाद और टूंडला के बीच मक्खनपुर रेलवे स्टेशन के पास बुधवार की रात शताब्दी एक्सप्रेस में पथराव होने के मामले में पुलिस की टालमटोल पूरे सिस्टम पर सवाल उठा रही है। जीआरपी और आरपीएफ इस मामले को फीरोजाबाद और टूंडला सीमा में उलझा रही हैं तो अलीगढ़ में अब तक इस संबंध में कोई एक्शन नहीं हुआ है। जबकि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस को इस गंभीर मामले में तत्परता से एक्शन लेना चाहिए।
गौर हो कि लखनऊ से दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस में ई वन कोच में हुए पथराव के दौरान मुसाफिर हरविंद सिंह घायल हो गया था और दो विधायक बाल-बाल बच गए, इसी कोच की 42 नंबर सीट पर कोल विधायक हाजी जमीरउल्लाह और 45 नंबर सीट पर रालोद विधायक ठा. दलवीर सिंह सफर कर रहे थे।
रालोद विधान मंडल दल के नेता ठा. दलवीर सिंह ने कहा है कि एसएसपी जीआरपी आगरा अनुभाग गोपीनाथ ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया है। शायद उनको रेल मुसाफिरों की जान की चिंता नहीं है। अब प्रमुख सचिव गृह और जीआरपी के एडीजी को इससे अवगत कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विदेश यात्रा से वापस लौटने के बाद उनसे मिलकर पूरा मामला बताया जाएगा। पुलिस की टालमटोल बर्दाश्त नहीं है। ये स्थिति तब है जब कि घटनास्थल फीरोजाबाद है, जो सपा सुप्रीमो का गढ़ माना जाता है। कोल विधायक हाजी जमीरउल्लाह ने कहा है कि एसएसपी जीआरपी ने किसी कार्रवाई से अवगत नहीं कराया है। इसकी शिकायत एडीजी से की जाएगी।