सुयश के अनुसार 22 नवंबर दोपहर करीब ढाई बजे वह विक्रांत चौधरी उर्फ गोल्डी, लवकेश व शेखर के साथ तालानगरी स्थित बैंक में जा रहे थे। जैसे ही बिजलीघर चौराहा पर पहुंचे तभी वहां पहले से ही घात लगाकर खड़े टाइगर गैंग का मुखिया हेमू निवासी कोंडरा व उसके साथी रोहित निवासी शेरगढ़, सुनील निवासी मई, आशू निवासी ढांटौली थाना गोंडा, योगेश उर्फ कालू निवासी सपेराभानपुर ने जबरन गाड़ी रुकवाने का प्रयास किया। न रोकने पर सभी लोग बाइकों पर सवार होकर कार का पीछा करते हुए गोलियां चलाने लगे। करीब पांच से छह गोलियां दागी गईं। विक्रांत चौधरी से कार तेजी से चलाने को कहा तो आरोपी कार पर फायर झोंकने लगे। दो गोली कार का पिछला शीशा तोड़ते हुए सीट में जा लगी। उद्यमी व उसके साथियों ने सीट पर लेटकर जान बचाई। कार को चौकी में घुसाकर उन्होंने किसी तरह जान बचाई।
बंद मिले सीसीटीवी कैमरे
घटना की सूचना पर प्रशिक्षु सीओ व थाना प्रभारी धनंजय अपनी टीम के साथ जांच को पहुंचे। फोरेंसिक टीम को भी माैके पर बुला लिया गया। टीम ने तालानगरी औद्योगिक क्षेत्र में लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। हालांकि उद्यमियों की सुरक्षा को देखते हुए तालानगरी के हरेक चौराहा को सीसीटीवी कैमरे से लैस कराया गया था। जिसकी माॅनीटरिंग पुलिस चौकी से होती है।
मगर, घटना के बाद सीसीटीवी कैमरे बंद मिले। चौकी इंचार्ज ने कैमरे बंद होने की वजह सोलर सिस्टम का खराब होना बताया है।सीओ अतराैली सर्जना सिंह ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है। उद्यमी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है, जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।