भारतीय न्याय संहिता 2023 और पॉक्सो एक्ट के तहत लैंगिक अपराध या दुष्कर्म से संबंधित पीड़ित की पहचान उजागर करना दंडनीय अपराध है। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर कुछ व्यक्तियों द्वारा थाना छर्रा क्षेत्र की एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की पहचान उजागर की जा रही है। उसका वीडियो भी वायरल किया जा रहा है।
अलीगढ़ पुलिस ने साफ कहा है कि ऐसे मामलों में पीड़ित की पहचान उजागर करना, उनका वीडियो, फोटो या अन्य सामग्री सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से साझा करना, प्रसारित करना या वायरल करना भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। जो लोग सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान उजागर कर रहे हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है।
पुलिस की अपील
अलीगढ़ पुलिस आमजन से अपील करती है कि यदि किसी व्यक्ति ने ऐसे किसी वीडियो, फोटो या पोस्ट को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया है, तो उसे तत्काल हटा दें। भविष्य में इस प्रकार की किसी भी सामग्री को साझा, फॉरवर्ड अथवा प्रसारित न करें। अन्यथा संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। बीएनएस और पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।