अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के एग्जीक्यूटिव काउंसिल (ईसी) और कोर्ट सदस्य के स्वरूप पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को एतराज है। मंत्रालय के संपर्क में एएमयू इंतजामिया है। इस मामले में दोनों के बीच अब तक एक बार वीडियो कांफ्रेंसिंग हो चुकी है। मामले का निस्तारण होने के बाद ही ईसी और कोर्ट सदस्य के चुनाव होंगे।
आजादी से पहले के यूनिवर्सिटी एक्ट पर मंत्रालय पुनर्समीक्षा कर रहा है। मंत्रालय को एग्जीक्यूटिव काउंसिल और कोर्ट सदस्य के स्वरूप पर एतराज है। इसी के चलते मंत्रालय के अधिकारियों ने 24 नवंबर 2022 को यूनिवर्सिटी के कुलपति सहित अन्य अधिकारियों से वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिये बात की थी।
अधिकारियों ने ईसी और कोर्ट सदस्य के स्वरूप को लेकर आपत्ति जताई थी। इसके बाद 28 नवंबर 2022 को कुलपति के निर्देश पर कुलसचिव ने अपना जवाब मंत्रालय को भेज दिया था। जवाब में डोनर, छात्र, गैर शैक्षणिक श्रेणी के सदस्य कौन और कैसे होंगे, उसकी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी और उसे न्यायसंगत बताया। 2 मार्च 2023 को मंत्रालय के अधिकारियों के साथ कुलपति की बैठक होनी थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से स्थगित हो गई। इंतजामिया के अनुसार, इसका अल्पसंख्यक स्वरूप से कोई मतलब नहीं है, क्योंकि यह मामला अदालत में विचाराधीन है।
शिक्षा मंत्रालय को एएमयू के ईसी व कोर्ट सदस्य के स्वरूप पर एतराज है। जब तक यह मामला निस्तारित नहीं हो जाता है, तब तक ईसी और कोर्ट सदस्य के चुनाव नहीं होंगे।
-प्रो. शाफे किदवई, प्रवक्ता, एएमयू