शहर से ही नहीं, बल्कि गांव से भी खेल प्रतिभाएं निकलती हैं। इसका अंदाजा अफसरों से लेकर राजनेताओं को भी है। यही वजह है कि अब गांव में भी स्टेडियम बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है। इसी में एक नाम है गांव अलहदादपुर का, जहां जल्द ही मिनी स्टेडियम बनने वाला है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन ने दोबारा रिवाइज इस्टीमेट मांगा है।
जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर धनीपुर ब्लॉक के गांव अलहदादपुर में करीब 37 बीघा भूमि पर भारत सरकार की खेलो इंडिया योजना के तहत बनने वाले स्टेडियम में मल्टीपर्पज हाल, चेजिंग रूम, बाउंड्रीवाल सहित जरूरी चीजें शामिल हैं। छह महीने पहले स्टेडियम के लिए 3.87 करोड़ रुपये का प्रस्ताव उप्र शासन को भेजा गया था। मगर, वक्त ज्यादा होने के चलते एक बार फिर से शासन ने प्रस्ताव मांगा है। दरअसल, बिल्ंिडग मैटेरियल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी आया है।
गांव का नाम किया रोशन
गांव के हॉकी खिलाड़ी युवराज वाल्मीकि, देविंदर वाल्मीकि के बेहतरीन खेल से विश्वकप हॉकी वर्ल्ड लीग में भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंची थी, जबकि मई 2013 में एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान को हराने में युवराज वाल्मीकि सुर्खियों में आए थे।
शासन को भेजेंगे प्रस्ताव
जिला युवा कल्याण अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि गाइड लाइन में बदलाव के चलते शासन ने दोबारा इस्टीमेट मांगा है। 2-3 दिन में ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग रिवाइज इस्टीमेट तैयार कर लेगा। इसके बाद सीडीओ व डीएम के जरिए इस इस्टीमेट को दोबारा भेज दिया जाएगा। उम्मीद ही जल्द ही स्टेडियम के लिए निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
छात्र नेता अर्जुन सिंह भोलू ने गांव बुलाकर वाल्मीकि बंधुओं का स्वागत किया था। इसके बाद तत्कालीन राजीव रौतेला से मिलकर गांव में स्टेडियम की मांग रखी थी। स्टेडियम को लेकर अब दोबारा इस्टीमेट भेजा जा रहा है। निश्चित रूप से गांव की प्रतिभाओं के लिए स्वर्णिम अवसर होगा।
- ज्योति सिंह, प्रधान, अलहदादपुर