महानगर के अब्दुल करीम चौराहे के हार्डवेयर व्यापारी ब्रजमोहन अग्रवाल (देहली हार्डवेयर मार्ट) संग रविवार देर रात हुई घटना पर सोमवार सुबह से ही महावीरगंज व अब्दुल करीम चौराहे के व्यापारी भड़क गए। सुबह से बाजार नहीं खोला गया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस प्रशासन विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी।
इस दौरान मुद्दा यह भी उठा कि आए दिन इस तरह की घटनाएं समुदाय विशेष के लोग कर रहे हैं और पुलिस प्रकरणों में आश्वासन देकर व्यापारियों को शांत करने की कोशिश में जुटी रहती है। दोपहर सवा बजे तक हंगामा होता रहा। बाद में एसपी सिटी के 24 घंटे के वायदे पर यह चेतावनी देकर व्यापारी बाजार खोलने को राजी हुए कि अगर गिरफ्तारी नहीं हुई तो फिर बेमियादी बंदी होगी।
रविवार रात हार्डवेयर कारोबारी ब्रजमोहन अग्रवाल को घेरने व चाकू मारने की धमकी दी गई थी। ये वाकया देर रात उस वक्त हुआ, जब वह दुकान बंद कर घर जा रहे थे। हालांकि रात को ही कुछ व्यापारी नेताओं ने बाजार बंदी का ऐलान कर दिया था।
मगर सुबह खुद ब खुद व्यापारियों ने इस घटना पर विरोध जताते हुए अब्दुल करीम चौराहे से महावीरगंज में घुसते ही दुकानें नहीं खोलीं। आगे बारहद्वारी की तरफ बढ़ने पर कुछ दुकानें खुलीं तो बृज औद्योगिक व्यापार मंडल के अध्यक्ष सौरभ सिक्ससंस और उनकी टीम ने बंद करा दिया। बंद का आह्वान भी सौरभ ने ही किया था। इस बीच भाजपा नेता सुबोध स्वीटी, सुधीर गुड्डू ने दुकानें बंद कराना शुरू कर दिया। बंदी की खबर पर कोतवाली, देहली गेट थानों का फोर्स, एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ प्रथम राजकुमार, सिटी मजिस्ट्रेट भी पहुंच गए। यहां व्यापारियों को समझाने का प्रयास शुरू हुआ। मगर व्यापारी ठोस आश्वासन न मिलने तक शांत होने को तैयार नहीं थे।
यहां एक घंटे से ज्यादा समय तक पुलिस प्रशासन विरोधी नारेबाजी के साथ-साथ आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर नारेबाजी होती रही। साथ में चार माह पूर्व दुकानदार मनोज संग हुई चाकूबाजी की घटना में आज तक गिरफ्तारी न होने का मुद्दा भी उठा। इस बीच अफसरों से फोन पर बात हुई और सौरभ सिक्ससंस की टीम को मांगें पूरी कराने और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी का भरोसा दिला कर बंद खोलने के लिए कहा गया। लेकिन भाजपाइयों ने बीच में पैर फंसा दिया।
मेयर शकुंतला भारती, भाजपा महनगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, मानव महाजन, अतुल राजाजी पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से वार्ता करते हुए 24 घंटे में गिरफ्तारी की बात दोहराई। एसपी सिटी ने फिर वही भरोसा दोहरा दिया। तब जाकर व्यापारियों ने यह चेतावनी देकर दुकानें खोलीं कि अगर गिरफ्तारी नहीं हुई तो फिर से बाजार बंद होंगे।
सौरभ के प्रदर्शन को भाजपा ने किया ‘हाईजैक’
प्रदर्शन के वक्त व्यापार मंडलों की राजनीति भी सामने आई। सौरभ सिक्ससंस गुट और अन्य व्यापारी नेता बृजमोहन अग्रवाल को धमकाने का विरोध तो कर रहे थे लेकिन अपने-अपने खेमे चमकाने पर ज्यादा जोर था। इस प्रकरण में पहल सौरभ सिक्ससंस ने की थी, जब रविवार रात घटना के वक्त वह पीड़ित व्यापारी के साथ थे और उन्होंने ने ही सोमवार सुबह बंद का आह्वान कर सबको एकजुट किया था। बंद के दौरान ‘व्यापारियों के सम्मान में, सौरभ भाई मैदान में’ नारे भी लगे।
सौरभ के साथ संगठन के प्रांतीय नेता जयगोपाल वीआईपी, पंकज वार्ष्णेय, उमेश खन्ना, प्रदीप वार्ष्णेय, मनोज गोयल, गणेश वार्ष्णेय, मनीष, जगन राधे, ललित बॉबी, किशोर, संदीप मित्तल, योगेश कुमार आदि थे। तभी अचानक पहुंची भाजपा टीम ने बंद को ‘हाईजैक’ कर लिया क्योंकि व्यापारियों के गण में भाजपा कमजोर नहीं दिखना चाहती थी। इसीलिए सौरभ विरोधी नारे लगवाये गए। सौरभ पूर्व कबीना मंत्री ठा.जयवीर सिंह और बसपा के करीबी हैं विरोधी की बड़ी वजह भी यही थी। व्यापारियों में इसकी जबरदस्त चर्चा हो रही है।
सौरभ विरोधी नारेबाजी
बंद के दौरान कुछ दुकानदार उस समय अचानक भड़क गए, जब वहां पहुंचे व्यापारी नेता सौरभ ने यह कह दिया कि उनकी बात पुलिस अधिकारियों से हो गई है। 24 घंटे का आश्वासन दिया है और आप लोग दुकानें खोल लें। किसी भाजपाई की बात में न आएं। इस पर यह कहते हुए दुकानदार भड़क गए कि तुमने हमसे बिना पूछे रात को बाजार बंद का आह्वान किया। सुबह हमने बंद किया तो सौरभ ने किसी पुलिस अधिकारी से बात कराए बिना ही दुकानें खोलने का फरमान भी सुना दिया। सौरभ सिक्ससंस वापस जाओ के नारे भी लगे।