एटा के गांव ततारपुर के सरकारी स्कूल में निरीक्षण करने पहुंचे उत्तर प्रदेश विधानमंडल की महिला एवं बाल विकास संबंधी समिति की द्वितीय उप समिति के सदस्यों के सामने स्कूल की अनुपस्थित शिक्षिका को बचाने के लिए मिड-डे मील बनाने वाली रसोइया को शिक्षक बनाकर खड़ा कर दिया गया। इसका पता चलने पर समिति सदस्यों ने एबीएसए को कड़ी फटकार लगाई।
कासगंज एवं एटा के चिकित्सालयों में भीषण गंदगी मिली तो अव्यवस्थाओं के साथ चिकित्सक भी गैर हाजिर मिले। समिति मंगलवार को अलीगढ़ में जिला कारागार, सरकारी स्कूल एवं अन्य कार्यालयों का निरीक्षण करेगी। समिति अलीगढ़ का निरीक्षण करने के बाद हाथरस पहुंच जाएगी।
उत्तर प्रदेश विधानमंडल की महिला एवं बाल विकास संबंधी समिति की द्वितीय उप समिति ने सभापति आशा किशोर के नेतृत्व में सोमवार को एटा व कासगंज का दौरा किया। एटा के कांशीराम योजना के गांव ततारपुर में सरकारी स्कूल के निरीक्षण में समिति सदस्य उस समय हैरान रह गए जब उन्हें पता चला कि उनके सामने खड़ी की गई महिला शिक्षक नहीं बल्कि मिड-डे मील बनाने वाली रसोइया है। स्कूल में शिक्षिका ही नहीं बल्कि निर्धारित संख्या में बच्चे भी नहीं मिले। कमोबेश यही स्थिति अन्य स्कूलों में मिली। इस पर समिति सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जताई और सभी के एबीएसए के खिलाफ शासन को लिखने को कहा।
एटा के जिला चिकित्सालय में भी भीषण गंदगी एवं अव्यवस्थाएं मिली। चिकित्सक भी अनुपस्थित मिले। यहां मात्र तीन कुपोषित बच्चे कागजों में दर्शाए गए। उन्हें भी बजट के बावजूद मात्र उबला हुआ चावल ही दिया जा रहा था। वह भी आंगनबाड़ी केंद्र के बजाय दूसरे स्थान का बना हुआ।
ग्रामीणों ने बताया कि केंद्र पर हर रोज यही होता है। कासगंज के बिड़ला महिला अस्पताल में भी गंदगी मिली तो एक वार्ड में तड़पती हुई गर्भवती महिला भी मिली। चिकित्सक व स्टाफ नदारद मिला। अन्य कार्यालयों के निरीक्षण में भी भारी अव्यवस्थाएं मिली। दोनों जिलों के सीएमएस, बीएसए, एबीएसए, बाल विकास समेत अन्य अधिकारियों को तलब किया गया है। देर सायं तक सभी अधिकारी समिति के समक्ष अपनी सफाई पेश करने में जुटे हुए थे। इस मौके पर समिति अधिकारी वाईबी सिंह, एपीएस संदीप शर्मा, रिपोर्टर चंद्रप्रकाश त्रिपाठी आदि मौजूद थे।
आज जेल, स्कूल और अस्पताल में निरीक्षण
अलीगढ़। समिति के उप सचिव सुरेंद्र प्रताप ने बताया कि मंगलवार को अलीगढ़ में जिला कारागार, परिषदीय स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, अस्पताल एवं अन्य कार्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा। इसके चलते विकास भवन समेत अन्य कार्यालयों में देर सायं तक कामकाज चलता रहा। बाबू और अफसर विभिन्न योजनाओं की फाइलें अपडेट करते देखे गए।